Categorized | लखनऊ.

असेवित विकास खण्डों में स्ववित्तपोषित महाविद्यालय की स्थापना हेतु अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित

Posted on 03 September 2013 by admin

प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निजी प्रबंधतंत्रों द्वारा असेवित क्षेत्रों में स्ववित्तपोषित महाविद्यालय स्थापित किये जाने हेतु निजी प्रबंधतंत्रों/संस्थाओं को प्रोत्साहित किये जाने के लिए अनुदान दिये जाने की योजना संचालित है। इसके लिए शासन द्वारा मानक निर्धारित किये गये हंै।

यह जानकारी विशेष सचिव, उच्च शिक्षा श्री अशोक कुमार ने दी है। उन्होंने बताया कि यह अनुदान स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय हेतु दिया जाता है। असेवित विकास खण्ड से तात्पर्य ऐसे विकास खण्डों से है, जिनमें पहले से कला/वाणिज्य/विज्ञान संकाय में कोई महाविद्यालय संचालित न हो, परन्तु यदि उक्त संकायों में से किसी संकाय में पूर्व से महाविद्यालय संचालित है परन्तु संकाय संचालित नहीं है, तो उस संकाय हेतु संबंधित विकास खण्ड असेवित माने जायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित विकास खण्ड में यदि कोई महिला महाविद्यालय नहीं है तो संबंधित विकास खण्ड को महिला महाविद्यालय के लिए कला/वाणिज्य/विज्ञान संकाय में से किसी एक के लिए असेवित माना जायेगा अर्थात एक विकास खण्ड में केवल एक महिला महाविद्यालय स्वीकृत किया जायेगा।

विशेष सचिव ने बताया कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में असेवित विकास खण्डों में अनुदान प्राप्त करने हेतु आवेदन किये जाने के लिए निदेशक उच्च शिक्षा उ0प्र0 इलाहाबाद द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों में  विज्ञापन प्रकाशित किये जाते हंै। आवेदन पत्रों में महाविद्यालय की भूमि की प्रामाणिकता की जांच हेतु जिला स्तरीय जांच समिति गठित है। समिति द्वारा अपनी संस्तुति निदेशक उच्च शिक्षा को उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने बताया कि यदि आवेदन पत्र पर संबंधित वित्तीय वर्ष में अनुदान स्वीकृत नहीं होता है, तो वह स्वतः निरस्त माना जायेगा। आगामी वित्तीय वर्ष में अनुदान प्राप्त करने के लिए प्रबंध तत्र को पुनः आवेदन करना होगा।

श्री अशोक कुमार ने बताया कि प्रथम किश्त अवमुक्त करने से पूर्व प्रबंधतंत्र को इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि जो परिसम्पतियां सृजित होंगी उसके निर्माण में आगणित धनराशि का न्यूनतम 50 प्रतिशत प्रबंधतंत्र को स्वयं लगाना होगा। प्रथम किश्त तभी अवमुक्त होगी जब संस्था अपने बैंक खाते में आगणन का न्यूनतम 10 प्रतिशत जमा होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगी।

विशेष सचिव ने बताया कि एक संकाय के लिए भवन निर्माण, पुस्तकालय, उपकरणों हेतु विज्ञान संकाय के लिए 40 लाख रूपये तथा कला/वाणिज्य संकाय के लिए अधिकतम 30 लाख रूपये का अनुदान दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त उन महाविद्यालयों, जो कला या वाणिज्य संकाय के लिए 30 लाख की सहायता प्राप्त कर चुके हैं वे यदि विज्ञान संकाय के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें 20 लाख रूपये की सहायता दो समान किश्तों में प्रदान की जायेगी।

विशेष सचिव ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2013-14 में इस योजना के लिए आवेदन करने हेतु निदेशक उच्च शिक्षा इलाहाबाद द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने हेतु संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं शिक्षा निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय, 2, सरोजनी नायडू मार्ग उ0प्र0 इलाहाबाद से अथवा निदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय के दूरभाष नं0- 0532-2623874 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

agnihotri1966@gmail.com

sa@upnewslive.com

Comments are closed.

Advertise Here

Advertise Here

 

July 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
-->









 Type in