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अधिकाधिक किसानों को संस्थागत वित्त के अन्तर्गत आच्छादित करने संबंधी बैंकर्स के सुझाव अनुमोदित

Posted on 14 August 2013 by admin

  • कृषकों को कृषि ऋण उपलब्ध कराने हेतु बैंकर्स एवं कृषि विभाग के समन्वय से सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाने पर सरकार सहमत-आलोक रंजन

उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन की अध्यक्षता में कृषि ऋण /स्केल आफॅ फाइनेंस विषय पर व्यवसायिक/सहकारी/ग्रामीण बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों व फसल बीमा योजना की क्रियान्वयन एजेन्सी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश में लगभग 30 प्रतिशत से भी कम कृषक संस्थागत वित्त से कवर होेने की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए अधिकाधिक किसानों को कवर किए जाने के सम्बन्ध में बैंकर्स के सुझाव आमंत्रित किए गये। बैंकर्स द्वारा अवगत कराया गया कि रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान में बैंकों द्वारा 05 वर्ष की अवधि हेतु ऋण सीमा स्वीकृत की जा रही है एवं यदि किसान के स्तर से ऋण की अदायगी समय से की जा रही है तो इस ऋण सीमा को प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की अतिरिक्त सीमा तक स्वतः बढ़ा दिया जाता है अथवा जनपद स्तर पर फसलवार निर्धारित स्केल आफॅ फाइनेन्स की सीमा तक ऋण सीमा में वृद्धि की जा रही है।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने अधिक से अधिक किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु बैंकर्स एवं कृषि विभाग के समन्वय से सभी पात्र कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से संतृप्त किये जाने के लिए निर्देशित किया। उन्होने बैंकर्स को विश्ेाषकर मध्यम जोत वर्ग के कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से संतृप्त किये जाने पर विशेष बल दिया। बैठक में बैंकर्स द्वारा प्रस्ताव किया गया कि औद्यानिकी फसलों व पशु किसानी को सम्मिलित करते हुए कम्पोजिट ऋण सीमा निर्धारित की जाए, जिसके अन्तर्गत टर्म लोन वर्किंग कैपिटल हेतु अलग-अलग ऋण सीमा निर्धारित किए जाने की आवश्यकता हेतु सुझाव प्रस्तुत किया। इस सम्बन्ध में कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा निदेशक, उद्यान के मार्गदर्शन में नाबार्ड व अन्य बैंकों, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग के समन्वय से नई योजना की संभावना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए गये।
बैठक में जनपदवार फसल विशेष हेतु निर्धारित स्केल आॅफ फाइनेंस में अत्यधिक भिन्नता को संज्ञान में लेते हुए इसे कम करने हेतु प्रमुख सचिव, कृषि की अध्यक्षता में सम्बन्धित विभागों कृषि, उद्यान, मत्स्य, नाबार्ड व अन्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठन किये जाने का निर्णय लिया गया। प्रस्तावित समिति प्रत्येक मौसम में कृषि जलवायु क्षेत्रवार फसलों के स्केल आॅफ फाइनेंस हेतु एक माह के अन्दर अपने सुझाव देगी ताकि तद्नुसार जनपद स्तर पर फसलों के स्केल आफ फाइनेंस निर्धारित किये जायें।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन द्वारा प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के एक व दो जनपदों में गिरी इन्स्टीट्यूट के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु अध्ययन पर सहमति व्यक्त की गयी। उन्होने प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के जनपदों में ग्रीन रिव्ल्यूशन के अन्तर्गत कृषकों को उपलब्ध कराये गये कृषि ऋण की समीक्षा हेतु बैंकर्स की नियमित बैठकों को आयोजित कराये जाने हेतु प्रमुख सचिव, कृषि को निर्देशित किया।
श्री आलोक रंजन ने फसल बीमा योजनाओं के अन्तर्गत सभी पात्र ऋणी किसानों को अनिवार्य रूप से कवर किये जाने तथा बीमा क्षतिपूर्ति को निर्धारित समय सीमा में आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से जमा कराये जाने हेतु निर्देशित किया। साथ ही उन्होने इसकी नियमित समीक्षा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति व नोडल बैंक स्तर पर किये जाने के भी निर्देश दिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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