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प्रदेश में लगभग 4000 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय

Posted on 14 August 2013 by admin

  • अच्छा कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रोत्साहित होगी
  • सम्भल के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी को धनराशि का आहरण न करने  कारण बताओं नोटिस
  • मुख्य सेविका/प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी औरैया को निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही के निर्देश

प्रदेश में लगभग 4000 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये प्रत्येक मुख्य सेविका स्वयं अपने क्षेत्र से एक आंगनबाड़ी केन्द्र का चयन करेगी। इस आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र पर सभी सुविधायें उपलब्ध करायी जायेंगी जो सामान्यतः विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं करायी जाती हंै, उसे सभागिता के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।
यह जानकारी निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार श्री आनन्द कुमार सिंह ने  समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने बताया कि आदर्श आंगबाड़ी केन्द्र जिन राजस्व ग्रामों में स्थित है, उन सभी 4000 से अधिक राजस्व ग्रामों को 31 दिसम्बर, 2013 तक कुपोषण मुक्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इन राजस्व ग्रामों में कोई अति कुपोषित बच्चा है तो उसे 31 दिसम्बर, 2014 तक सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने हेतु समयसीमा निर्धारित की गयी है।
श्री सिंह ने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अच्छा कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्री को प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्हांेने जनपद स्तर पर इनका चयन कर लिया जाय जिससे कि राज्य स्तर पर इन्हंे सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जा सके। उन्होंने बताया कि निदेशालय स्तर पर शिकायतों के निस्तारण हेतु समाधान प्रकोष्ठ का गठन किया गया है जिसका टोल फ्री  नम्बर: 1800-180-5599 है। सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस टोल फ्री नम्बर पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुये स्वयं इसकी दैनिक समीक्षा करें।
उन्होंने बताया कि इसकी निदेशालय और शासन स्तर पर भी समीक्षा की जायेगी।
श्री सिंह ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर हाॅट कुक अवश्य बनाया जाय और जिला कार्यक्रम अधिकारी/प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा मुख्य सेविकायें नियमित तथा औचक निरीक्षण कर इसकी मुणवत्ता सुनिश्चित करेेगी। इसमें लापरवाही हेतु श्रीमती ममता दीक्षित, मुख्य सेविका/प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी जनपद औरैया को निलम्बित करते हुये विभागीय कार्यवाही की गयी है। साथ ही सम्भल के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शीलता प्रसाद यादव को हाॅट कुक्ड योजना के अन्तर्गत आवंटित धनराशि का आहरण न करने हेतु कारण बताओं नोटिस निर्गत किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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