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आईएएस दुर्गा ने बहादुरी का परिचय दिया - हाई कोर्ट

Posted on 02 August 2013 by admin

लखनऊ स्थित सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल निलंबन मामले में  इलाहाबाद हाई कोर्टए लखनऊ बेंच ने केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया हैण् जस्टिस देवी प्रसाद सिंह और जस्टिस अशोक पाल सिंह की बेंच ने कहा कि अभिलेखों से हमें ऐसा लगता है कि दुर्गा शक्ति ने बहादुरी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया और विशेष दस्ता बना कर 24 डम्पर सीज करते हुए नोयडा में अवैध खनन पर रोक लगाईंण्  कोर्ट ने यह भी पूछा कि दुर्गा के निलंबन के बाद अवैध खनन पर रोक के लिए क्या
कार्यवाही की गयी हैण् यह एक गंभीर पर्यावरणीय मामला है जिससे सरकार के अलावा कोर्ट भी अलग नहीं रह सकतीण् अतः कोर्ट ने पूछा है कि ण् वर्त्तमान में नोयडा में अवैध खनन की क्या स्थिति है और दुर्गा के निलंबन के बाद कितने लोग अवैध खनन में गिरफ्तार किये गए हैंए कितने डम्पर सीज किये गए है और एफआईआर दर्ज किये गए हैंण्
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने कहा कि यह सेवा सम्बंधित माम्लोया है जिसमे पीआईएल नहीं बनताण् कोर्ट ने कहा कि निलंबन के सम्बन्ध में अग्रिम कार्यवाही तभी की जा सकती है जब स्वयं पीड़ित पक्ष कोर्ट में अर्जी देण् लेकिन साथ ही कोर्ट ने केन्द्र सरकार के अधिवक्ता आई एच फारूखी को निर्देशित किया कि दुर्गा के निलंबन के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार अगली तिथि को कोर्ट को पूरी वस्तुस्थिति से अवगत करायेण्
ठाकुर की ओर उनके अधिवक्ता अशोक पाण्डेय ने तत्काल दुर्गा की बहाली और इस सम्बन्ध में कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की थीण् ठाकुर की याचिका के अनुसार उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में अवैध बालू खनन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध धार्मिक निर्माण की भारी समस्या हैण् सुप्रीम कोर्ट ने भी इनके सम्बन्ध में बार.बार कड़े निर्देश दिये हैंण् ऐसे में दुर्गा शक्ति सहित जो भी अधिकारी अवैध बालू खनन और सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक स्थलों के निर्माण हेतु अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करते हैंए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत हैए ना कि निलंबन अथवा दण्डित करने कीण्

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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