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ग्लोबल टाईगर डे

Posted on 31 July 2013 by admin

ग्लोबल टाईगर डे के अवसर पर डब्ल्यू डब्ल्यू एफ- इन्डिया ने टाईगर संरक्षण के लिए भारत के फाॅरेस्ट गार्डों के योगदान को सम्मानित करने के लिए तेराई आर्क लैन्डस्केप में इन्डियन एकेडेमी स्कूल, पालिया में एक जागरुकता उत्सव का आयोजन किया। इस ईवेन्ट का आयोजन डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के 2012 में लाॅन्च किए गए एक ग्लोबल अभियान कार्ड 4 टाईगर्स के अन्तर्गत किया गया, जिनका लक्ष्य फाॅरेस्ट गार्डों के जीवन के बारे में जागरुकता का प्रसार करना और आम जनता के बीच टाईगर संरक्षण की दिषा में उनके कार्यों के लिए एक सम्मान का भाव जागृत करना है।
फाॅरेस्ट गार्ड टाईगर संरक्षण के पैदल सैनिक हैं, जो मुष्किल परिस्थितियों में बिना थके काम करते हैं, ताकि भारतीय वन्य जीवन खासकर चीतों की सुरक्षा की जा सके। यद्यपि उनके जीवन, जिन कठिनाईयों का सामना वे करते हैं, और जो काम वे करते हैं, इसके विशय में जानकारी काफी कम होती है। कार्ड्स 4 टाईगर अभियान के द्वारा डब्ल्यू डब्ल्यू एफ- इन्डिया ने विभिन्न टाईगर लैन्डस्केप्स से फाॅरेस्ट गार्डों के जीवन का विवरण दिया है और विष्वभर में विभिन्न देषों के व्यक्तियों को उनकी प्रषंसा के संदेष के साथ पोस्टकार्ड भेजने के लिए प्रोत्साहित किया है। दुधवा टाईगर रिज़र्व के फाॅरेस्ट गार्ड श्री षत्रुघनलाल को इस लैंडस्केप से सभी फाॅरेस्टगार्डों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। उनके जीवन की कहानी ने देष और विष्व में हजारों लोगों को प्रभावित किया जिन्होंने उनकी बहादुरी, साहस और प्रयास को सम्मानित करने के लिए व्यक्तिगत संदेषों के साथ पोस्टकार्ड भेजे।
इस ईवेन्ट में स्कूल के विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से ये पोस्टकार्ड षत्रुघनलाल और उनकी टीम को हस्तान्तरित किए। श्री वी. के. सिंह, डायरेक्टर, दुधवा नेषनल पार्क और डाॅ. मुदित गुप्ता, लैंडस्केप को-आॅर्डिनेटर, तराई आर्क, उत्तरप्रदेष, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ- इन्डिया ने श्री षत्रुघन लाल को मेमेन्टो और फील्ड के लिए हैन्डी उपकरण दूरबीन समर्पित किए।
उन्होंने ये पोस्टकार्ड और मेमेन्टो स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘हम अपने लिए और उत्तर-पूर्व में अपने साथी सदस्यों के लिए इतना समर्थन देखकर अचम्भित हैं। हम अपने परिवारों से दूर और बाहरी दुनिया से कटकर इन वनों की निगरानी करते हुए अपने दिन बिताते हैं। यह जानकर अच्छा लगता है, कि लोगों को मालूम है, कि हम क्या करते हैं, और वे हमारे प्रयासों की प्रषंसा करते हैं। मैं विद्यार्थियों से ये पोस्टकार्ड प्राप्त करके काफी भावुक हूं, और मुझे उम्मीद है कि वे टाईगर संरक्षण की दिषा में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।’’
दुधवा टाईगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर ी वी. के. सिंह ने बताया, ‘‘विष्व को पहली बार फाॅरेस्ट गार्ड के जीवन की कहानियों से अवगत कराया गया है, और उन्हें अपने काम के समर्थन में आवष्यक सहयोग मिल रहा है। इस तरह के प्रयास हमारे फ्रन्टलाईन स्टाॅफ को इस कार्य को जोष के साथ करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।’’
डब्ल्यू डब्ल्यू एफ- इन्डिया तराई आर्क लैन्डस्केप में चीतों, हाथियों, गैंडोंके संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है और राज्य वन विभाग का एवं दूसरे स्टेकहोल्डर्स का सहयोग प्राप्त है। इसके पास व्यवहारिक वन्यजीव संरक्षण की रणनीति है, जो मानव वन्यजीव मुठभेड़, टाईगर और वन्यजीव गतिविधि, विकास के दबाव के अध्ययन, राजनीतिक इच्छाषक्ति के निर्माण, निरन्तर ऊर्जा और जीविका की सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदायों के साथ कार्य करते हुए वैकल्पिक समाधानों के विकास के साथ क्षेत्र में मुख्य वन्यजीव काॅरिडोरों के पुर्ननिर्माण और प्रबंधन पर केन्द्रित है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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