Categorized | लखनऊ.

प्रदेष में हत्या, लूट, बलात्कार व साम्प्रदायिक घटनाओं की बाढ़ ।

Posted on 20 July 2013 by admin

19 जुलाई। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष अध्यक्ष मुन्ना सिंह चैहान व प्रदेष प्रवक्ता प्रो0 के0के0 त्रिपाठी ने आजमगढ़ जनपद के सगड़ी विधान सभा के पूर्व विधायक एवं उनके सुरक्षाकर्मी की दिन दहाड़े बर्बरतापूर्वक नृषंस हत्या की घोर निन्दा करते हुये कहा कि प्रदेष में कानून का राज खत्म हो गया तथा जंगलराज कायम हो चुका है।
श्री चैहान ने आगे बताया कि जब घटनास्थल पर पुलिस समय से नहीं पहुंची तो आक्रोषित जनता ने जंगल राज के खिलाफ थाने पर प्रदर्षन किया जिसके विरोध में निहत्थी जनता पर पुलिस ने गोलियों की बौछार की जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति को भी अपनी जान गवानी पड़ी। जघन्य घटना को लेकर पूरे आजमगढ़ जनपद की जनता में भारी आक्रोष व्याप्त है। सरकार की इस दमनकारी नीति की राष्ट्रीय लोकदल घोर निंदा एवं भत्र्सना करता है। पुलिस के आला अफसर घटना को नियंत्रित करने में नाकम रहे जिससे जनता आक्रोषित होकर थाने पर प्रदर्षन करने लिए विवष होना पड़ा।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष प्रवक्ता प्रो0 के0के0 त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेष में हत्या, लूट, बलात्कार व साम्प्रदायिक घटनाओं की बाढ़ आ गयी है लेकिन सरकार के कानों पर जूं नहीं रेग रही है। सरकार की लचर कानून व्यवस्था के चलते डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रदेष में लगभग 1164 हत्या, 320 बलात्कार, 920 लूट तथा 27 दंगों के अलावा पुलिस के अधिकारियों व सिपाहियों को अपनी जान गवानी पड़ी है आकड़ों से साबित होता है कि प्रदेष में कानून व्यवस्था ध्वस्त है सरकार के संरक्षण में गुण्डों, अपराधियों व माफियाओं का बोलबाला है सरकार गुण्डों माफियाओं, अपराधियों पर अंकुष लगाने में नाकाम साबित हो चुकी है। थानों पर गुण्डों, माफियाओं, अपराधियों का दबदबा है जिससे गरीब जनता थानों पर अपराधियों, गुण्डों के खिलाफ एफ0आई0आर0 लिखाने से घबराती है।
राष्ट्रीय लोकदल प्रदेष के महामहिम राज्पाल से मांग करता है कि प्रदेष सरकार को तत्काल बर्खास्त कर प्रदेष में राष्ट्रपति शासन लागू करें जिससे आम जनता को गुण्डों, माफियाओं तथा अपराधियों से निजात मिल सके और प्रदेष में कानून का राज कायम हो सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

June 2026
M T W T F S S
« Sep    
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
-->









 Type in