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‘भूजल सप्ताह’ 16 से 22 जुलाई, 2013 तक

Posted on 11 July 2013 by admin

  • भूजल जागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाय
  • इस वर्ष आयोजन हेतु मुख्य विचार-बिन्दु ‘खुशहाल  भविष्य के लिए भूजल बचायंे’ -आलोक रंजन

10 जुलाई, 2013
उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने आगामी 16 से 22 जुलाई तक ‘भूगर्भ जल सप्ताह‘ प्रभावी ढंग से मनाये जाने के निर्देश दिये हैं। इस दौरान भूगर्भ जल स्रोतों के अत्यधिक दोहन, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर भूजल स्तर में चिन्ताजनक गिरावट, भूजल स्रोतों में फ्लोराइड, आर्सेनिक, खारा पानी, भारी धातुओं आदि की विषाक्तता आदि जनसामान्य को सीधे प्रभावित करने वाले भूगर्भ जल से जुड़े खतरों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने वाले कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किये जायेंगे।
श्री रंजन ने प्रदेश के समस्त प्रमुख सचिवों/सचिवों, विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को भेजे गये परिपत्र में इस आशय के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि भूजल के महत्व एवं उस पर आसन्न संकट को देखते हुए आम जनता के साथ-साथ स्कूल/कालेजों के छात्र-छात्राओं को भी भूगर्भ जल के संरक्षण, प्रबन्धन, उसके विवेकयुक्त उपयोग एवं नियंत्रित दोहन के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से ही ‘भूजल दिवस’ को ‘भूजल सप्ताह’ के रूप में आयोजित करने का निर्णय शासन द्वारा गत वर्ष लिया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व में जल दिवस प्रति वर्ष 10 जून को मनाये जाने के कारण स्कूल/कालेज के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों की समुचित भागीदारी नहीं हो पाती थी। उन्होंने कहा कि स्कूल/कालेजों, शैक्षिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 16 से 22 जुलाई तक ‘भूगर्भ जल सप्ताह’ मनाने का निर्णय लिया गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये हैं कि पूरे प्रदेश में 16 से 22 जुलाई के मध्य ‘भूजल सप्ताह’ का आयोजन राज्य स्तर से लेकर मण्डल, जनपद एवं विकासखण्ड स्तर तक किया जाय तथा इसमें स्थानीय स्कूल- कालेजों, शैक्षिक संस्थानों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि इस दौरान परिचर्चा और संवाद, निबन्ध, चित्रकला, स्लोगन, राइटिंग आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाय, कठपुतली प्रदर्शन, लोकनृत्य/गीत, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, मेले, उत्सव आदि का आयोजन किया जाय। रैलियों, संगोष्ठियों, साइकिल परेड एवं संचार के विभिन्न माध्यमों से लोगों में जागरूकता उत्पन्न की जाय। साथ ही वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन से संबंधित योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण यथासम्भव क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाय।
श्री रंजन ने कहा कि इस वर्ष 16 जुलाई से 22 जुलाई के मध्य आयोजन हेतु ‘मुख्य विचार बिन्दु’ ‘खुशहाल भविष्य के लिए भूजल बचायें’ निर्धारित किया गया है। इसी बिन्दु पर सभी कार्यक्रम केन्द्रित होने चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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