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राज्य की 25 बड़ी कृषि मण्डियाँ एक सितम्बर से पूर्ण रूप से कम्प्यूटर संचालित होंगी

Posted on 11 July 2013 by admin

  • अच्छी सेवा के साथ किसानों की आय भी बढ़ेगी -आलोक रंजन

10 जुलाई, 2013

उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अलोक रंजन ने मण्डी परिषद द्वारा राज्य की 25 बड़ी मण्डियों की कम्प्यूटराइजेशन परियोजना को स्वीकृति देते हुए उनके संचालन के लिए  आगामी एक सितम्बर की तिथि निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि इन मण्डियों में सम्पूर्ण कार्य कम्प्यूटर संचालित होने के बाद किसानों को मिलने वाली सेवाओं में घटतौली और चोरी में रोक लगने के साथ ही किसानों की आय मंे भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटराइजेशन के बाद किसानों को मण्डी के भाव और अन्य सूचनायें एस0एम0एस0 से मिलनी शुरू होंगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन आज अपने कार्यालय में कृषि विभाग की विभिन्न परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। मण्डी निदेशक श्री अनूप यादव ने किसानों के लिए संचालित मण्डियों की खराब दशा को सुधारने के लिए तैयार पावरप्वाइंट प्रेजेन्टेशन के दौरान टर्न-की-बेस कम्प्यूटराइजेशन परियोजना का प्रस्ताव राज्य के कानपुर, बाराबंकी, लखनऊ, ललितपुर, वाराणसी, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर, आगरा, इलाहाबाद, पुवायां, गोरखपुर, गाजियाबाद, मुज्जफरनगर, सीतापुर, हापुड़, बहराइच, मैनपुरी, पीलीभीत, अलीगढ़, एटा, झांसी, सहारनपुर और मथुरा के लिए दिया, जिसे बैठक में तत्क्षण स्वीकृत कर लिया गया। इसके साथ ही कृषि उत्पादन आयुक्त ने कम्प्यूटराइजेशन परियोजना को अगले 40 दिनों में पूर्ण कर उसका परीक्षण कर सूचना देने के निर्देश देते हुए कहा कि एक सितम्बर से इन मण्डियों मंे कम्प्यूटर के द्वारा कार्य का शुभारम्भ किया जाये।
मण्डी निदेशक ने इस अवसर पर सूचित किया कि मण्डी परिषद में प्रवेश पर्ची से लेकर गेट पास तक की मण्डी समिति द्वारा सम्पादित की जाने वाली सम्पूर्ण कार्यवाही कम्प्यूटर द्वारा की जायगी। प्रवेश पर्ची आॅन-लाइन किये जाने से किसानों की सूचनाओं का डेटाबेस बनाया जा सकेगा, जिससे विक्रय दरों तथा अन्य मार्केट इन्टेलीजेन्ट्स की सूचनायें एस0एम0एस0 द्वारा मिलना शुरू हो जायेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के साथ-साथ कर्मचारियों को कम्प्यूटर का ज्ञान होने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और इसका लाभ किसान और कर्मचारियों दोनों को होगा। इससे मैनुअल रजिस्टर एवं अन्य रिकार्ड बनाने में होने वाली दिक्कतों से निजात मिलेगी साथ ही कर्मचारियों की आवश्यकता में भी कमी आयेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि, श्री देवाशीष पाण्डा, विशेष सचिव कृषि श्री बादल चटर्जी एवं श्री निखिल चन्द्र शुक्ला, कृषि निदेशक सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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