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मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी के निर्देश

Posted on 08 July 2013 by admin

edited-photo-06-july-2013उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने निर्देश दिये हैं कि हरियाणा प्रदेश से उत्तर प्रदेश में होने वाली मदिरा तस्करी की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हुई तो सम्बन्धित अधिकारियों को दण्डित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों का दायित्व है कि वे अपने अधीन जनपदों में हरियाणा राज्य से आने वाली शराब की तस्करी को रोकने हेतु प्रतिमाह समीक्षा कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं आगामी तीन माह में मदिरा के अवैध व्यापार प्रकरण की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव आबकारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति को जनपदवार मदिरा तस्करी पकड़ने हेतु लक्ष्य माहवार निर्धारित कर लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करानी होगी। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी को रोकने हेतु हरियाणा सरकार से आवश्यक सुविधाएं एवं समन्वय प्राप्त करने हेतु हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की जायेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित कराने हेतु न्याय विभाग से परामर्श प्राप्त कर विस्तृत जानकारी हेतु एक गाइड-लाइन तत्काल निर्गत की जाय।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में हरियाणा राज्य से आनेे वाली मदिरा की तस्करी की रोकथाम हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर आबकारी एवं पुलिस विभाग को  स्थानीय अभिसूचना के आधार पर तस्करी में लिप्त प्रभावशाली एवं महत्वपूर्ण संदिग्ध व्यक्तियों का चिन्ह्ाकन कर सूची बनाने के साथ-साथ इन पर कड़ी नजर रखी जाय। उन्होंने कहा कि अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था तस्करी के मामले में दर्ज एफआईआर की गहन समीक्षा कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि आबकारी आयुक्त तस्करी के विशेष रूप से चिन्हित प्रकरणों एवं व्यक्तियों की सूची प्रमाण सहित शासन को उपलब्ध कराये ताकि तद्नुसार हरियाणा सरकार को प्रभावी कार्यवाही हेतु उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि अवैध मद्य निष्कर्षण एवं तस्करी में लिप्त संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध व्यापक कार्यवाही सुनिश्चित कराने हेतु एफआईआर दर्ज कराते समय जब्त मदिरा का कुल मूल्य एवं उससे प्रदेश को होने वाली वित्तीय हानि का उल्लेख अवश्य किया जाय ताकि यह तथ्य मुकदमें में दृष्टिगोचर हो सके। उन्होंने कहा कि चार्जशीट दाखिल करने से पूर्व ए0पी0ओ0 एवं एस0पी0ओ0 से परीक्षण अवश्य करा लिया जाय और उनसे मुकदमें की प्रभावी पैरवी हेतु निरन्तर अनुरोध किया जाय।
श्री उस्मानी ने कहा कि मदिरा तस्करी रोकने हेतु अभियान की सकारात्मक परिणाम हेतु मुख्य संचालकों एवं संदिग्ध व्यक्तियों को सर्विलांस पर रखकर कड़ी नजर रखी जाय। उन्होंने कहा कि जिनके विरुद्ध इन प्रकरणों पर मा0 न्यायालय में मुकदमें विचाराधीन हों, उनको सजा दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रांनिक्स सर्विलांस, ग्राम प्रधान, ग्राम चैकीदार, लेखपाल आदि के माध्यम से तस्करी के संबंध में मुखबिरी विकसित कर तस्करी के स्रोत ज्ञात करने पर विशेष ध्यान दिया जिससे प्रदेश में तस्करी हेतु मदिरा प्रवेश करते ही पकड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों अथवा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को सरकारी ठेके आदि के लिए यदि कोई चरित्र प्रमाण पत्र अथवा शस्त्र अनुज्ञापन निर्गत किये गये हों तो उनके निरस्तीकरण की कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित कराई जाय।
बैठक में प्रमुख सचिव आबकारी श्री जे0पी0शर्मा, प्रमुख सचिव गृह श्री आर0एम0 श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक श्री देवराज नागर, मण्डलायुक्त आगरा, सहारनपुर, मेरठ सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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