आबकारी महकमा अपने ही उच्चाधिकारियों से त्रस्त

Posted on 12 June 2013 by admin

११ जून । जनपद में आबकारी महकमा आज कल अपने ही उच्चाधिकारियों से त्रस्त है महकमें के अधिकारी राजापुरु के के हाथी हो गये है जो अपनी ही सेना को रौदने मे लगे है ।
बताते चले कि बीते ४ जून को संयुक्त आबकारी आयुक्त के नेतृत्व मे निकली छापामार टीम ने जनपद की लम्भुआ और सदर तहसीलो की बीयरशाप पर छामापारी की और जिसमें बीयरशाप के सेल्समैनो ने ठंडी वियर पर ढंडी कराई ५ रु० इन अधिकारियों से प्रिंट रेट से ज्यादा लिया बकौल लाईसेंसी इन अधिकारियों ने इस बात को माना कि बिना ढंडी किये वियर नही विक सकती और विभाग के राजस्व बढोत्त्तरी के लिये ऐन केन प्रकारेण बिव्रहृी बढाने की गर्ज से वर्फ खरीदनी पडती है देहाती क्षेत्रो जहां छामापारी हुई है वहां बिजली आती ही नही है और ग्रामीण क्षेत्र होने की पजह से लाईसेंसी को वियर बेचने मे नाको चना चबाना पड़ता है लिहाजा ५ रु० प्रति बोतल अलग से बताकर बेचा जाता है ।
बिना ठंडी वियर प्रिंट रेट पर ठंडी ५रु० अति पूरे प्रदेश में लिया जाता है इसे आबकारी के सिपाही से लेकर आयुक्त सभी जानते है मगर नव नियुक्त आयुक्त की चापलूसी और अखिलेश यादव आबकारी मंत्री को खुश करने के लिए बसपा सरकार के पंसदीदा संयुक्त आयुक्त और सहायक आयुक्तो ने सुलतानपुर के इर्द गिर्द कई जनपदो मे जानी बूझी जगहो पर छापामारी कीयही नही लाईसेंसी का कुछ न बिगाड कर अपने ही महकमें के निर्दोष सिपाही और निरिक्षको को निलम्बित करा कर अपनी कुर्सी पक्की करा ली ।
हैरत है कि आबकारी आयुक्त सीनियर आई.ए.एस. अधिकारी है फिर भी उन्होने ऐसा बचकाना कदम कैसे इन चापलूसो के कहने पर कैसे उठा लिया समझ से परे है । जबकि बीते दिनो सुलतानपुर के बगल के जिले मे जहरीली शराब पीने से एक दर्जन लोगो की मौते हो चुकी है जिसमें पूरा महकमा निलम्बित है चार्ज सुलतानपुर के अधिकारी के पास है वही अम्बेडकर नगर से आई बरात द्वारा लाई गई जहरीली दारु से भी चार मौते हो चुकी है चारो और से महकमा जिला प्रशासन और शासन के निशाने पर है उस पर भी दो निरिक्षको के बदौलत दो दो जनपदो की रखवाली व प्रवर्तन कार्य किसी तरह हो रहा है उस पर भी पूरे महकमें के सिपाहियों और निरिक्षको को महज लाईसेंसी की गल्ती पर निलम्बित करना और दो दो जनपदो को नकली शराब माफिया के हवाले कर देना कहां की बुद्धिमानी है ।
उस पर भी उन वियर शाप वालो को प्रताडित करने का औचित्य समझ से परे है जो महकमें को प्रतिवर्ष दस से बारह करोड का राजस्व अपने बूते दे रहे है जिसमें विभाग ने न तो प्रिहृज दिया न प्रहृीजर न वर्फ फिर भी वियर बिकनी चाहिए और राजस्व आना चाहिए ऐसे में वियर की बिव्रहृी जिले मे औधे मुंह गिर जाये और सरकार को करोडो का चूना एक जनपद से लगे तो यह आयुक्त की बुद्धिमानी नही वाही जायेगी ।
वैसे भी बसपा सरकार के जाने के बाद किनारे लगगये शराब माफिया निरिक्षको की अनुपस्थिती में गैर प्रदेश की सस्ती और नकली दारु जिले में भर देंगें और सपा सरकार को भारी आर्थिक चोट पहुंचाने की अपनी रणनीति मे सफल हो जायेगे । अभी भी समय है आयुक्त की टीम पौरुष का हाथी बन जाये मुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री को सचेत हो जाना होगा और अपने निरिक्षको व सिपाहियों के साथ न्याय करना होगा अन्यथा लंका का विभीषण लंका जलवाने में देर नही करेगा ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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