Categorized | लखनऊ.

बिजली का संकट चरमसीमा पर

Posted on 01 June 2013 by admin

31 मई।

प्रदेश में दिनों-दिन बिजली का संकट चरमसीमा पर पहुंच रहा है, अन्धाधुन्ध विद्युत कटौती के चलते आम जनता, छात्र, किसान त्रस्त हंै, जिससे आये दिन नागरिकों के आक्रोश के चलते कानून व्यवस्था भी चरमरा रही है। समाजवादी पार्टी सरकार को भी यह महसूस हो रहा है किन्तु वह विद्युत व्यवस्था सुधारने के बजाय पूर्ववर्ती सरकार और अधिकारियों पर इसका ठीकरा फोड़कर बचने का रास्ता ढूंढ़ रही है।

प्रदेश कंाग्रेस के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने आज यहां जारी बयान में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विद्युत समस्या से निजात दिलाने के नाम पर सिर्फ आश्वासन देने के अलावा कोई ठोस उपाय नहीं किया बल्कि इसे निजी हाथों में सौंपने, विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी करने जैसे जनविरोधी निर्णय अवश्य लिये और नतीजा यह हुआ कि आज इस भीषण गर्मी में आम जनता बिजली की समस्या से बेहाल है। ़राज्य सरकार ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी हैं, मंत्री और अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर जनविरोधी निर्णय ले रहे हैं और प्रदेश की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

श्री मदान ने कहा कि राजधानी लखनऊ में आये दिन ट्रांसफारमर फुंक रहे हैं। विद्युत लाइनें रोजाना खराब हो रही हैं। इंजीनियरिंग छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं ऐसे में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के सामने विद्युत समस्या के चलते भविष्य चैपट होने की समस्या पैदा हो गयी है।

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार की हीलाहवाली और गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते आज विद्युत विभाग में गैर तकनीकी जानकारी वाले कर्मियों को विद्युत व्यवस्था में लगाया गया है जिसके चलते अन्य तमाम कठिनाइयां पैदा हो रही हैं। रोजाना विद्युत समस्या को लेकर विद्युतकर्मियों और आम जनता में संघर्ष की घटनाएं घट रही हैं, जनता रोजाना सड़कों पर उतरकर आन्देालन करने को मजबूर है, जिससे प्रदेश के सभी जिलों में कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

श्री मदान ने कहा कि इतना ही नहीं केन्द्र सरकार ने सूखा पीडि़त बुन्देलखण्ड क्षेत्र को सिंचाई और पेयजल के लिए 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति के लिए  300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली प्रदान किया है किन्तु बुन्देलखण्ड के सूखा प्रभावित जनपदों में बिजली के लिए हाहाकार मचा है और सिर्फ 5 से 6 घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है जिसके चलते बुन्देलखण्ड की जनता संघर्ष कर रही है। परन्तु 300 मेगावाट बिजली में से मात्र 80 से 90मेगावाट बिजली ही बुन्देलखण्ड में आपूर्ति की जा रही है। राज्य सरकार बुन्देलखण्ड के लिए केन्द्र द्वारा आवंटित अतिरिक्त 300मेगावाट बिजली भ्रष्टाचार के जरिए कहीं अन्यत्र प्रयोग कर रही है।

कांग्रेस पार्टी प्रदेश के मुखिया श्री अखिलेश यादव से मांग करती है कि बिजली के मसले पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लेते हुए प्रदेश के अवाम को इस भीषण गर्मी में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठायें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

agnihotri1966@gmail.com

sa@upnewslive.com

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