Categorized | लखनऊ.

प्रकृति रत्न अवार्ड समारोह एवं वार्षिकोत्सव।

Posted on 28 May 2013 by admin

edied-dsc_147725 मई 2013ः प्रकृति द नेचर पिछले 10 वर्षो से बाल कल्याण, नेत्रदान एवं प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘‘प्रकृति द नेचर’’ के तत्वाधान में आज दिनांक 25.05.2013 को प्रकृति रत्न अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूवात शिव स्तुति से हुई जिसमें कला श्री अमृत सिन्हा, प्रकृति चन्द्रा एवं अन्य कलाकारों ने ऊॅ शिव शम्भू पर नृत्य प्रस्तुत किया। समारोह में कल्चर एण्ड आर्ट के क्षेत्र में पद्म भूषण सरोज वैद्यनाथन नृत्य गुरू भरतनाट्यम), शिक्षा के क्षेत्र में श्रीमती गीता गांधी किंगडन (पे्रसीडेन्ट सिटी मान्टेसरी स्कूल), इण्डस्ट्री के क्षेत्र श्री संजीव जुनेजा (एम0डी0 - एस.बी.एस. बायोटेक), राजनीति के क्षेत्र में अशोक बाजपेई (राष्ट्रीय महासचिव समाजवादी पार्र्टी), टेक्निकल एजुकेशन में डा0 ख्वाजा सै0 मो0 यूनुस (संस्थापक इरम एजुकेश्न सोसायटी) को प्रकृति रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, प्रमाण-पत्र एवं प्रकृति रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।

दृष्टि सुरक्षा अभियान की ब्राण्ड एम्बेसडर, लिम्का बुक आॅफ रिकार्ड में नामित प्रकृति चन्द्रा ने लोगों को नेत्रदान के बारे में बताया और स्लाइड्स के द्वारा दिखाया कि नेत्रदान की प्रक्रिया में आंखों से केवल एक पतली झिल्ली निकाली जाती है, चेहरा खराब नहीं होता। प्रकृति के आह्वाहन पर 108 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया। 28 विकलांग लोगों ने ूूूण्इमलवदकजीमअपेपवदण्पद पोर्टल पर निःशुल्क पंजीकरण कराया।

मेयर लखनऊ डा0 दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम की प्रश्ंासा करते हुए कहा कि नेत्रदान सभी धर्मो को एक सूत्र में बांधता है और आज समाज में जागरूकता उत्पन्न करने वाले ऐसे कार्यक्रमों की आवष्यकता है।

अन्त में रिदम डिवाइन डान्स ग्रुप के कलाकारों ने नृत्यनाटिका के द्वारा महाभारत काल का वर्णन किया। इस अवसर पर मेयर लखनऊ डा0 दिनेश शर्मा, अनीस अन्सारी वी0सी0 उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय, डा0 रूपेश कुमार अध्यक्ष प्रकृति द नेचर सहित शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित होगें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

agnihotri1966@gmail.com

sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

April 2025
M T W T F S S
« Sep    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
-->









 Type in