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किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर गेहूँ का विक्रय करने के लिए बाध्य न करने के निर्देश

Posted on 23 May 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय कि  किसानों को किसी भी दशा में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर गेहूँ का विक्रय करने के लिए बाध्य न होना पडे़। उन्हांेने मण्डी निदेशक को भी निर्देश दिये कि मण्डियों में विशेष सर्तकता के साथ ये सुनिश्चित करें कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो। उन्हांेने कहा कि जिलाधिकारी मण्डियों एवं क्र्रय केन्द्रों पर पैनी दृष्टि बनाये रखें एवं केन्द्र निर्धारित समयावधि में गेहूँ क्र्रय सम्बन्धी समस्त व्यवस्थाओं के साथ क्र्रियाशील रखें। उन्हांेने कहा कि किसी भी दशा में ‘‘डिस्ट्रेस सेल’’ की स्थिति उत्पन्न न होने पाये। उन्होने कहा कि क्रय केन्द्रों पर चेक लिस्ट के अनुसार सप्ताह में न्यूनतम एक बार सक्षम अधिकारी द्वारा अवश्य चेक कराया जाय।
मुख्य सचिव आज योजना भवन में वीडियों-काॅंन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से गेहूँ खरीद की समीक्षा कर रहे थे। उन्हांेने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समस्त जिलाधिकारियों एवं क्र्रय संस्थाओं का दायित्व है कि क्र्रय केन्द्रों को क्र्रियाशील रखें तथा नियमानुसार निरीक्षण कार्य कराते रहंे जिससे क्र्रय केन्द्र किसानों को गेहूँ विक्र्रय हेतु निर्धारित समयावधि में सदैव उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि मण्डियों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य या उससे अधिक मूल्य प्राप्त होना राज्य सरकार की इच्छा के अनुसार किसान हित में है। उन्हांेने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि अपने जनपदों में गेहूँॅू के उत्पादन, प्रचलित बाजार भाव, क्रय केन्द्रों पर गेहूँ की आवक की कमी के कारणों तथा अन्य सुसंगत कारकों को दृष्टिगत रखते हुए अब ये आॅंकलन करें कि आगामी 30 जून तक जनपद में कितनी गेहूँ खरीद अनुमानित हैं तथा इस अनुमान के परिप्रेक्ष्य में कितनी अतिरिक्त भण्डारण क्षमता की आवश्यकता होगी।
वीडियों-काॅंन्फ्रेन्सिंग में बताया गया कि प्रदेश में अभी तक 6.53लाख मी0टन गेहूँ की खरीद हुई है तथा किसानों का कोई भुगतान अवशेष नहीं है। चित्रकूट मण्डल के हमीरपुर जनपद में पर्याप्त फण्ड उपलब्ध है, लेकिन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा चेक बुक जारी न होने के कारण किसानों का भुगतान अवशेष है संबंधित बैंक द्वारा एक दो दिन में चेक बुक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
वीडियों-काॅंन्फ्रेन्सिंग में खाद्य आयुक्त श्रीमती अर्चना अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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