आढतियों और अधिकारियो की मिली भगत से गरीब जनता महंगाई झेलने पर मजबूर है।

Posted on 18 May 2013 by admin

१७ मई ।
पूरे जिले मे चर्चा है कि यहॉ के थोक गल्ला व्यवसाई और आढतियों ने हजारों बोरे खाद्यान आवासीाय क्षेत्रो मे छुपा कर रखा है जो आये दिन खाद्यान्नो में तेजी बनाते रहते है इनको जिले के अधिकारियो का वरदहस्त प्राप्त है जिसके एवज में ये सब नजराना भेजते रहते है कभी भी जिला प्रसासन इनके गुप्त गोदामो की जॉच नही करता है न ही मार्केटिग इस्पेक्टर न सप्लाई अफसर  न तलसीलदार न उपजिलाधिकारी न मंड़ी परिषद।
इन लोगो को ये थोक व्यवसाई एक बंधी बंधाई रकम इनके पुराने कर्मचारियो के जरिये भेजते रहते है इसका नाजारा देखना हो तो कभी भी कोतवाली के पीछे, अमेठी बाड़ा, गन्दानाला की गली, जगरानी देवी स्कूल,अमहट के इर्द-गिर्द के क्षेत्र लोहरामउहृ रोड,पल्टन बाजार क्षेत्र आदि स्थानो पर मानक व स्टाक सीमा से कई गुना ज्यादा दाल,चावल,गेहूॅ, सूजी, मैदा, हजारो टीन खाद्य तेल व अन्य सामग्री कभी भी देखी जा सकती है वो भी बिना ट्रैक्स इनवाइस,बिना पर्चा,बिना बिल्टी के जिला कृषि मंडी समिती के लोग भी इस कृतिम मंहगाई के भ्रष्टाचार मे शामिल है।
कभी कभार प्रशासन अगर छापा भी डालना चाहेगा तो इन विभागो के पुराने बीसो वर्षो से एक सीट, एक विभाग वाले बाबू तुरन्त इनको सूचित कर देते है कि होशियार हो जाओ कल स्टाक चेक हो सकता है फिर प्रशासन खाना पूर्ति कर चाय नास्ता कर वापस लौट जाता है जिसके चलते फसलो की कटाई पर भी कीमते घटने का नाम नही ले रही है ।
यहॉ के आढतिये व थोक व्यवसाइयो का एक माफिया गैंग है जो कि व्यापार मण्डल के रुप मे प्रशासन की चापलूसी करता रहता है और गति विधियो की टोह इन्ही बाबुओ और चपरासियो से लेता रहता है यहॉ तक इन अधिकारियो को गुमराह भी करता है पकड़े जाने पर तुरन्त सव्रिहृय होकर हल्ला गुल्ला मचाने लगता है।
वही दूसरी तरफ खाद्य तेलो मे मिलावट बडी राईस आयलो मे सरसो का सेंट व कलर केमिकल मिला कर फर्जी नामो की ब्र्रांडेड स्लिप आई० एस० ओ० की मार्क आदि लगाकर धडल्ले से बिना सेल इनवाइस, बिना पक्का पर्चा के ट्रेडिग किया जा रहा है जिसकी पूरी जानकारी फूट एंड ड्रग विभाग को है।
मगर ये छापे की कार्यवाही नही करते बल्कि जिलाधिकारी के निर्देशो की आड मे खोमचे वाले, ठेले वाले,  छोटे मिठाई वालो के यहां कार्यवाही कर अपने खास अखबार मे खबर छपवाकर जनता व अधिकारियो को गुमराह करते है।
हैरत की बात है  कि जिले में दलहन व तिलहन की पैदावार ही इतनी नही है न ही जिले मे इतने हैवी स्पेलर लगे है न मौके पर सरसो ही मिलेगी अगर मिलेगा तो खाद्य तेलो के भूतल मे बने टैक व तेल के ड्रम व पीपे तो यह सोचने वाली बात है कि ये तेल आया कहां से।
अधिकारियो की दया व कृपा से सुलतानपुर के खाद्य माफिया, फल माफिया छोटी छोटी बाजारो मे जनता के स्वास्थ्य व जीवन से खिलवाड कर रहे है ।
नगर की जनता ने जिलाधिकारी से स्वयं छापा डालकर दोषियो के खिलाफ कठोर कार्यवाही कर जनता के साथ न्याय की मांग की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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