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कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ - राजेन्द्र चैधरी

Posted on 02 April 2013 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि कृषि इस प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसान अन्नदाता है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव ने हमेशा यह कहा है कि किसान की खुशहाली में ही प्रदेश और देश की खुशहाली है। खेती का समृद्धि से ही  व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है और अर्थव्यवस्था में गति आती है। प्रदेष में श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी समाजवादी पार्टी की सरकार ने किसानों के लाभ के लिए तमाम निर्णय लिए है। पिछले पांच साल के बसपाराज में किसान लूट के शिकार बने और आत्महत्या के लिए मजबूर हुए। अब किसान खुश हैं और बजट का 74 प्रतिशत गांव-किसान पर खर्च होने से उसकी समस्याओं का समाधान होने लगा है।
समाजवादी पार्टी ने किसानों के हित में जो कदम उठाए हैं वैसे देश भर में किसी सूबे की सरकार ने नहीं किया है। विगत कई वर्षो से उर्वरकों की कमी के संकट को झेल रहे कृषकों को प्रथम बार शासन द्वारा रबी में प्रचुर मात्रा में यूरिया, डीएपी और एनपीके  की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। समय से बीज, कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराया गया। किसानों को नवीनतम कृषियंत्रों पर अनुदान दिया गया। उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए।
किसानों को धान की उपज का सही मूल्य कृषकों को प्राप्त हो सके, इसके लिए बासमती तथा अन्य धान की प्रजातियों को निर्यात के लिए खोला गया, मण्डी शुल्क से मुक्त रखा गया तथा वैट पर छूट दी गई। प्रदेश में गेहूॅ की खरीद सीधे किसान से की जाएगी। गेहूॅ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1350 रूपए प्रति कुंतल होगा। गेहॅू खरीद के लिए 6000 क्रय केन्द्र खोले जाएगें। मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 60 लाख मीट्रिक टन गेहूॅ खरीद का कार्यकारी लक्ष्य तय किया गया है जिसमें राज्य संस्थानों द्वारा 58 लाख मीट्रिक टन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा 2 लाख मी0 टन गेहूॅ खरीदा जाएगा।
समाजवादी पार्टी सरकार का सबसे क्रांतिकारी निर्णय यह है कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के बकाएदार कृषकों के 50 हजार रूपए तक के कर्ज माफ करने के लिए 2012-13 और वर्ष 2013-14 में इस योजना के लिए कुल 1,650 करोड़ रूपए उपलब्ध कराए गए है जिससे 8 लाख किसान ऋण मुक््त होगें। अब किसानों की बंधक जमीन की नीलामी भी नहीं होगी। इसके अतिरिक्त सरकारी ट्यूबवेल और नहरों से किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी मिलेगा। इस प्रयोजन के लिए 200 करोड़ रूपए की बजट में व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने बजट में 3 प्रतिशत ब्याज दर पर 3 लाख रूपए तक का अल्पकालिक फसली ऋण देने और किसान दुर्घटना बीमा योजना में 375 करोड़ रूपए रखे है। ग्रामीण बेरोजगारी दूर करने के लिए स्वर्ण जयंती रोजगार योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा हैं। मनरेगा हेतु 400 करोड़ रूपए रखे गए हैं। चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना किसानों के गन्ना आपूर्ति की सुविधा हेतु 338 सम्पर्क मार्गो का निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया गया है। प्रदेष के विभिन्न जनपदो में कृषकों के हित के लिए अपना बाजार योजना लागू की जा रही है। इसमें कृषको को अपने उत्पादों के सीधे विक्रय करने के लिए उपयुक्त स्थल अस्थायी रूपए से निश्चित अवधि के लिए (दिल्ली हाट की तर्ज पर) निःशुल्क अथवा रियायती दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंशा किसानों को ज्यादा से ज्यादा राहत पहुॅचाने और उनको खुशहाल बनाने की है क्योंकि तभी मुलायम सिंह यादव का उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का सपना पूरा हो सकेगा।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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