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किसानों के हितार्थ सरकार द्वारा कृषक कल्याण की अनेक योजनायें लागू

Posted on 01 March 2013 by admin

लखनऊ,
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को मण्डी परिषद के माध्यम से उनके उत्पादों का सही मूल्य दिलाने, उनके प्रतिभावान बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने हेतु छात्रवृत्ति सहित प्रोत्साहित करने के लिए, कृषक दुर्घटना योजना जनपदों में कृषकों के लाभ के लिए अपना बाजार योजना, उत्पादों का भाव मोबाइल पर देने, 500 से अधिक आबादी वाले गाॅंवों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ने, जनेश्वर ग्राम योजना से चयनित ग्रामों को अवस्थापना सुविधाओं से जोड़ने आदि से सम्बन्धित अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं।
किसानों के हितार्थ इन योजनाओं में सामूहिक जनता व्यक्तिगत दुर्घटना योजना, खलियान अग्नि योजना, कृषक मोबाइल उपहार योजना, कृषक हेल्प लाइन,योजनायें शामिल हैं। इस के अतिरिक्त किसानों के लिए मोबाइल फोन पर मण्डी भाव बताने की योजना, कृषक सेवा केन्द्र योजना तथा उनके उत्पादों के सही माप के लिए इलेक्ट्राॅनिक धर्मकांटा स्थापित करने आदि की योजनायें संचालित हैं।
निदेशक मण्डी परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामूहिक जनता व्यक्तिगत योजना जो प्रदेश के समस्त कृषक, खेतिहर मजदूर एवं मण्डी परिषद के मजदूरों पर लागू है, योजना के अन्तर्गत कृषक की एक अंगुली, अंगूठा, हाथ, पैर आदि के क्षति या मृत्यु होने पर 1 हजार 500 रूपये से 50 हजार रूपये तक सुनिश्चित की गई धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि कार्य के अन्तर्गत उपकरणों के संचालन, बिजली उपकरणों का संचालन, कुओं की खुदाई, ट्रेक्टर द्वारा ढुलाई, थ्रेसिंग द्वारा अपंगता या मृत्यु की दशा में तथा अन्य कृषि उपकरणों, खाद्य रसायन, बैलगाडी, ट्रेक्टर, ट्राली, पल्लेदारी, गाय, बैल द्वारा सींग मारने अथवा कृषि कार्य के समय विषैले कीड़े से काटे जाने पर यह योजना लागू होगी। इसमें जानबूझकर लगाई गई चोट क्षति, आत्महत्या, नशे की हालत में क्षति अथवा मृत्यु, असंवैधानिक असामाजिक, उग्रवाद, आतंकवाद या दंगा फसाद तथा बाढ़, भूकम्प, युद्ध, आणविक रेडियेशन, शत्रुओं द्वारा की गई मारपीट झगड़ों से हुई क्षति या मृत्यु इसमें शामिल नहीं की गई है। इसके अलावा खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता योजना में किसान की खड़ी अथवा रखी फसल आग, बिजली अथवा आकाशीय बिजली आदि से जलकर नष्ट होने पर उन किसानों को जो, जोत सीमा 2.5 एकड़ से कम या 2.5 एकड़ से 5 एकड़ अथवा 5 एकड़ से अधिक भूमि रखने वालों को 7 हजार 500 रूपये से 15 हजार रूपये तक की धनराशि नियमानुसार देय होगी। इसी प्रकार किसानों के बच्चों को कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा देने के लिए मण्डी परिषद द्वारा किसानों के स्नातक/स्नात्कोत्तर छात्र/छात्राओं को प्रदेश के तीन कृषि विश्वविद्यालयों दो कृषि संस्थानों में 24 कृषि महाविश्वविद्यालयों में चयनित छात्र/छात्राओं को 3000 रू0, शोधार्थियों के लिए 6000 रू0 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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