ट्रेड यूनियनो की हडताल से जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया

Posted on 22 February 2013 by admin

जनपद मे बुद्धवार से शुरु हुई ट्रेड यूनियनो की हडताल से जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया । बीते दिन आम जनता को जानकारी न होने पर भारी परेशानी उठानी पडी । मगर गुरुवार को सूना सूना रहा बैंक और बस स्टैण्ड ।
गौरतलब हो कि यह भारत के ११ ट्रेड यूनियनो की देशव्यापी हडताह है जो कि भारत की आर्थिक सांसे रोकने की क्षमता रखती है वही ट्रेड यूनियनो की एकता के चलते लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित रहे सबसे ज्यादा आस जनता को परेशानी देने वाला महकमा बिजली विभाग, सरकारी और गैर सरकारी बैंको की बंदी रही वही स्थानीय स्तर पर आवागमन के लिए यात्रियों को भारी मुसीबत उठानी पडी जिसमें परिवार संग निकले यात्री थे जहां ट्रेनो की सुविधा नही है मात्र रोडवेज का ही सहारा है वो यात्री डग्गामारो द्वारा खूब ठगे गये मनमाना किराया वसूली चलती रही ।
आर०टी०ओ० और परिवाहन निगम प्रबन्धक पूरी तरह फोल्मार रहा केवल सरकार और शासन को ये अधिकारी व्यवस्था की झूठी जानकारी देते रहे जबकि किसी भी यात्रियों की समस्याओं को न तो आर०टी०ओ० और न ही परिवाहन प्रबन्धन ने सुना सब अपने बेहाल रहे और सरकार को कोसते रहे पूरे दो दिन बैंको के ए०टी०एम० के शटर गिरे रहे जिससे सबसे ज्यादा परेशानी मरीजो के परिजनो को हुई जिन्हे ईमरजेन्सी मे पैसे के लिए ए०टी०एम० का ही सहारा था । जनपद यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आवाहन पर बैंक कर्मचारी संगठन अध्यक्ष टी०डी०पाण्डेय व महामंत्री सी०बी०सिंह ने अपने कर्मचारियों के साथ घूूूम घूम प्राईवेट बैंक, डाकघर, संचार निगम, बिजली विभाग, विकास भवन के सहित सभाकर सरकार विरोधी नारे लगाये और सरकार को चेतावनी दी कि अगर इस दो दिनी चेतावनी और अरबो के नुकसान पर मांगे न मागंी गई तो अब अनिश्चत कालीन हडताल का विगुल बज उठेगा ।
वही अरेबिया के अध्यक्ष शिवकरन द्विवेदी महामंत्री श्री दतद राकेश पाण्डेय, लालचन्द्र त्रिपाठी ने भी सरकार के मजूदर विरोधी रवैये की घोर निन्दा की । ट्रेड यूनियन को उ०प्र० राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी अपनर समर्थन देकर केदार नाथ श्रीवास्तव एवं आनन्द स्वरुप ने जन विरोधी और मजदूर कर्मचारी विरोधी नीति पर चेतावनी दी कि सरकार चेत जाये अन्यथा सरकार की सारी गतिविधी ठप्प कर दी जायेगी । मजदूर बनाना जनता है तो बिगडना भी जानता है । बिजली विभाग ने अपने कर्मचारी नेता सत्यदेव त्रिपाठी और हरिओम सिंह के नेतृत्व मे सरकार को धरना देकर चेतावनी दी कि मजदूरो को न्यानतम ग्यारह हजार वेतन और सभी सरकारी सहूलियते ही जायें संसद मे बैठकर मजदूर हितो की कोरी बयानबाजी बंद हो अन्यथा सरकार को जान होगा ।
सीटू के संयोजक अशोक शुक्ल ने कहा कि आजादी के बाद सबसे बढी हडताल है यह एस०एफ०आई० के अध्यक्ष शशांक पाण्डेय ने कहा कि सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी है जिसे अब भारत का मजदूर बर्दास्त नही करेगा आर्थिक नीतियां बदले सरकार नही, नही तो मजदूर सरकार बदल देगे । सी.पी.आई.एम. सचिव बाबूराम, एस.एफ.आई. सचिव महेश तिवारी, विवेक विव्रहृम, शिवाकांत ने भी मजदूरो कर्मचारियों को सम्बोधित किया ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

July 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
-->









 Type in