प्रमुख सचिव लोक निर्माण ने कुंभ मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण

Posted on 19 February 2013 by admin

इलाहाबाद 18 फरवरी
कुम्भ मेला विगत दिनों हुई बारिस से कुंभ मेला क्षेत्र में हुए जल भराव के बाद मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग डा0 रजनीष दुबे ने लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये गये कार्याे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बारिस के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों की गति को देखते हुए असंतोष जाहिर किया और संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देष दिये। प्रमुख सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाये गये मार्ग, अक्षयवट, महाबीर मार्ग, काली सड़क, ओल्ड जी0टी0 मार्गो का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बारिस की वजह से जगह-जगह पर चकर्ड प्लेटें धंस गयी है और नट-बोल्ट भी ढीले हो गये है, जिनको ठीक करने के लिए चकर्ड प्लेटों द्वारा पूरे कुंभ मेला क्षेत्र में बने 97 किमी0 लम्बे मार्ग को दो श्रेणी मेें बांटा गया है, अतिमहत्वपूर्ण मार्ग और महत्वपूर्ण मार्ग, जिसमें पाण्टून पुल भी शामिल है। अतिमहत्वपूर्ण मार्ग के अन्तर्गत अक्षयवट, त्रिवेणीमार्ग, काली मार्ग, संगम अपर, ओल्ड जी0टी0, संगम लोवर और मुक्ति मार्ग शामिल हैं जिनकी कुल लम्बाई लगभग 33 किमी0 है। इन्हें 48 घन्टे के भीतर ठीक कराने के निर्देष दिये गये हैं। शेष 64 किमी0 मार्ग को महत्वपूर्ण मार्ग की श्रेणी में रखा गया है जिनको 4 दिनों के भीतर ठीक करने के निर्देष दिये गये। इसके अलावा पाण्टून पुल पर लगी चकर्ड प्लेट और नट-बोल्ट को चेक कर आज रात 2 बजे तक रिपोर्ट देने का निर्देश लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को दिया गया है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि इन मार्गों को ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देष दिये गये हंै। उन्होंने यह भी बताया की कुंभ मेले में तैनात अवर अभियंता और सहायक अभियंता की संख्या बढ़ायी जायेगी और इनसे दो षिफ्टों में कार्य लिया जायेगा। इसी आधार पर श्रमिकों की संख्या भी बढ़ा कर दो षिफ्टों में कार्य कराया जायेगा। कुंभ मेला क्षेत्र की तरफ आने वाली सड़कों के किनारे जहां पर जल भराव की स्थिति है वहां पर बालू डालकर उन्हें सुखाया जायेगा जिसके लिए बालू की व्यवस्था करने के लिए संबन्धित को आवष्यक निर्देश  दिया गया है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि निर्देश  के बाद यदि किसी प्रकार की कमी पायी जाती है तो उसके लिए अधिषासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। संबन्धित अधिकारियों को प्रतिदिन हुए कार्यों की प्रगति आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देष दिये गये है। प्रमुख सचिव के साथ इलाहाबाद मण्डल के आयुक्त देवेश  चतुर्वेदी भी निरीक्षण के दौरान थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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