Categorized | लखनऊ.

राजनीतिकरण के लिए घौंसियाने और प्रशासन के संवैधानिक तंत्र को ध्वस्त करने का आरोप लगाया

Posted on 02 February 2013 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी की सरकार पर प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिकरण करने, राजनीतिकरण के लिए घौंसियाने और प्रशासन के संवैधानिक तंत्र को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है। आज यहां शुक्रवार को संवादाताओं से बातचीत करते हुए पार्टी के राज्य प्रवक्ता विधान परिषद सदस्य हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि अधिकारी वर्ग को सामूहिक रूप से घौसियाने व अपमानित करने की सपाई शैली के चलते राज्य का प्रशासन तंत्र विफल हो गया है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव प्रशासन तंत्र पर आक्रामक है। संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने डण्डा चलाने जैसी असभ्य टिप्पणी भी की है। सपा सरकार प्रशासन और सरकार के संवैधानिक रिश्ते तोड़ रही है। सरकार का काम नीतियां बनाना है। प्रशासन का काम तद्नुसार कार्यक्रम लागू करना है। प्रशासन से सपा का राजनैतिक एजेण्डा लागू करने और गलत काम करने की अपेक्षा नही की जानी चाहिए।
श्री दीक्षित ने कहा कि संविधान में सामूहिक उत्तर दायित्व का सिद्धांत है। मुख्यमंत्री सरकार का प्रमुख मुखियां होता है लेकिन समाजवादी सरकार में मुख्यमंत्री की जगह अनेक सत्ता केन्द्र है। सपा प्रमुख ही सरकार के प्रमुख जैसा बयान दे रहे है और वहीं विपक्षी दल की तरह सरकार व प्रशासन तंत्र भी आक्रमक है। लोकनिर्माण मंत्री, संसदीय कार्यमंत्री सहित अनेक मंत्री स्वायŸा बयानबाजी कर रहे है। राज्य के इतिहास मे यह पहली सरकार है जो स्वयं अपने प्रशासन तंत्र पर ही हमलावर है और मात्र 10 माह में अलोकप्रिय हो गयी है। विकास कार्य ठप है। स्थानांतरण की धमकी के चलते अधिकारी प्रतीक्षारत मूड में है। प्रोन्नति पाये अधिकारी बेहतर पोस्टिंग के जुगाड़ में है। सरकार में अराजकता है इसीलिए प्रदेश में कानून व्यवस्था में अराजकता है, अपराध बढ़ रहे है। सरकारी नेतृत्व प्रशासन तंत्र पर ही हमलावर है।
श्री दीक्षित ने सपा सरकार से मांग की कि वह सरकार के नेतृत्व का मामला सुलझाए और सामूहिक जिम्मेदारी का निर्वहन करे। राज्य की बदहाली दूर करे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

April 2025
M T W T F S S
« Sep    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
-->









 Type in