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पिछडे क्षेत्रों के विकास में वित्तीय समावेशन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है

Posted on 14 January 2013 by admin

देश के अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा  प्रदेश के पिछडे क्षेत्रों के विकास में वित्तीय समावेशन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है. वित्तीय समावेशन के अंतर्गत यूनियन बैंक, लखनऊ द्वारा बाराबंकी जिले के  रहरामऊ गांव में विशाल ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया. इस आयोजन  के मुख्य अतिथि  भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक डा. रबि  एन मिश्रा थे.  बैंक के लखनऊ अंचल के प्रमुख एवं महाप्रबंधक श्री बी पी डिमरी  ने  कहा कि बैंक का भरसक प्रयास है कि हमारे क्षेत्राधीन आने वाले क्षेत्रों और गांवों में शतप्रतिशत बैंकिंग  की स्थिति लायी जाये तथा प्रत्येक नागरिक का बैंक में खाता हो.  वित्तीय समावेशन के इसी प्रयास के तहत यह शिविर लगाया गया है.   इस अवसर पर लखनऊ क्षेत्र के क्षेत्र प्रमुख श्री एम वी आरेकर बैंक के अन्य कार्यपालकों तथा शाखा प्रबंधकों सहित उपस्थित थे.

इस शिविर में बाराबंकी जिले की देवाशरीफ, फतेहपुर, मसौली तथा बाराबंकी शाखाओं  द्वारा  रुपये 1 करोड़ 18 लाख के  97  ए टी एम एनेबल्ड यूनियन किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये.  इसी प्रकार 57 स्वयं सहायता समूहों को  रुपये 67 लाख , 6 ट्रैक्टरों हेतु रुपये 18 लाख, यूनियन तत्काल योजना में रुपये 12 ऋणियों को रुपये 5.00 लाख तथा अन्य 16 खातों में रुपये 38.50 लाख के ऋण वितरित किये गये.  इन ऋणों  के अतिरिक्त  40 स्कूली बच्चों को स्कूल बैग भी वितरित किये गये.  इसी शिविर में सिक्का वितरण भी किया गया था.  ऋण वितरण शिविर में बैंक द्वारा कुल रुपये 2.30 करोड़ के ऋण वितरित किये गये.  ऋण वितरण शिविर में आये स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को 400 कंबलों का भी वितरण किया गया.  इस अवसर पर संबोधन देते हुये क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक ने केंद्रीय बैंक की अपेक्षाओं से अवगत कराया तथा लखनऊ अंचल के प्रमुख व महाप्रबंधक श्री बी पी डिमरी ने लखनऊ अंचल में बैंक द्वारा लागू की जा रही योजनाओं व किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया .

उत्तर प्रदेश के 7 जिलों यथा जौनपुर, आजमगढ, गाजीपुर, मऊ, वाराणसी, चन्दौली एवं संत रविदास नगर (भदोही) में बैंक द्वारा अग्रणी बैंक की भूमिका का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वाह किया जा रहा है.      प्रदेश में वित्तीय समावेशन के अन्तर्गत  यूनियन बैंक को आबंटित 2000 से अधिक जनसंख्या वाले  1924 से अधिक गांवों में बैंक द्वारा बीसी मॉडल के माध्यम से बैंकिंग सुविधा प्रदान की गई है तथा इन सभी गांवों में बीसी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तथा जनता की शिकायतों, यदि कोई पायी जाती है तो, को दूर करने के लिए अल्ट्रा स्मॉल शाखायें खोली गयी हैं.    यूनियन बैंक द्वारा उत्तर प्रदेश के अपने सभी 07 अग्रणी जनपदों  में आर-सेटी एवं एफएलसीसी स्थापित किये गये हैं. आर-सेटी के माध्यम से बेरोजगार,ग्रामीणों,महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार परक बनाया जा रहा है. इनकी सेटलमेंट दर लगभग 62  है. एफएलसीसी के माध्यम से लोगों को उनकी ऋण संबंधी या अन्य  जिज्ञासाओं की पूर्ति की जाती है तथा ऋण सुलभ कराने में सहायता प्रदान की जाती है.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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