जनपद के एक ओर नगर मुख्यालय मे यातायात जाम के चलते आम जनता त्राहि -त्राहि कर रही है वहीं जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हूटर बजाते हुए ५ मिनट का रास्ता ५० मिनट मे तय कर रहे है फिर भी आम जनता को पीड़ा पर ध्यान नही दिया जा रहा है ।
गौरतलब हो कि नगर की मुख्य सडकें पूरी तरह जाम रहती है जिसके चलते जिला अस्पताल आने वाले इमरजेंसी मरीजो को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है । इलाहाबाद रोड पर ओवर ब्रिज निर्माण के चलते उस मार्ग पर आवागमन लगभग ठप्प है मगर एक नं० रुट वाले विव्रहृम दरियापुर चैराहे पर सडको पर ही विव्रहृम स्टैण्ड बना दिये है ।
वही दूसरी तरफ लखनउहृ रोड जहां ओवर ब्रिज के बाद सब्जी मंडी, जिला अस्पताल चैराहा पूरी तरह बडे वाहनो के चपेट मे आ गया है कारण है कि इस रोड पर बडे व्यापारी ट्रांसपोर्ट और गल्ला मंडी, अमेठी बाड़ा के थोक व्यापारी दिन भर ट्रको व मालवाहको का जमावडा लगाये रहते है।
ये सब वाहन अवैध तहबाजारी व पुलिस टोकन देकर पूरे दिन सड़को पर खडे रहते है जिससे आवागमन मे जाम लगा रहता है टैफिक सिपाही केवल बस स्टैण्ड, डी.एम. बंगले पर ही दिखते है ।
यानि कि पूरे नगर की यातायात व्यवस्था होमगार्डो के भरोसे है जिन्हे केवल ५ रु० का सिक्का ही दिखता है और अधिकारियो का हूटर ही सुनाई पडता है न जाम मे फंसे न मरीज दिखते है न स्कूलो के भूखे प्यासे नन्हे मुन्ने बच्चे सोचिए हालात क्या है ।
मगर शायद फिर भी हमारे जिले के असंवेदनशील आला अधिकारियों को इस जनता के प्रति शायद ही कोई हमदर्दी जगे नगर की शायद ही कोई सड़क बची हो जिस पर पटरिंया दिखाई पडे सब पर अतिव्रहृमण हो चुका है सोचिये ईमरजेन्सी मे कोई कैसे अस्पताल जा सकता है शायद इस प्रशासन मे मुमकिन ही नही है।
इस बदतर स्थिति मे भी यातायात की कोई सकारात्मक नीति नही बनती दिख रही है वही जिले का छोटा बडा अधिकारी यहां तक थाने के दरोगा तक हूटर बजा कर अपना काम चला रहे है फिर आम जनता की प्रिहृक क्या करेगा ।
जब व्यवस्थापक ही पैसे लेकर ट्रैक्टर, पिकप, कमांडर, विव्रहृम यहां तक कि दस चक्का ट्रक तक भीड भरे बजार मे घुसवा रहे है तो जनता त्राहि -त्राहि करेगी ही कोई गर्भवती स्स्त्रत कोई दुर्घटना मे घायल सीरियस मरीज, हार्ट पेसेन्ट अगर नगर की सड़क पर जाम में फंस कर दम तोड दे और ईलाज के अभाव मे प्राण त्याग दे तो भी इन अधिकारियो की बला से इन्हे तो भगवान ने व सरकार मे नीली बत्त्ती और हूटर प्रदान किया है और ये कलयुग के राजा है।
इन्हे जाम मे फंसे मरीजो व जनता से क्या मतलब इन्हे तो चैक सब्जी मंडी पैदल गये भी छरू माह हो गया जनता ने मांग की है कि यातायात नीति बनाई जाये व नगर के मार्गो की पटरी पर अतिव्रहृमण कारियो पर भारी जुर्माना व गिरफ्तारी की जाये जिससे जनता व मरीज आसानी से आ जा सके ।
जब इस व्यवस्था मे लगे होमगार्ड और सिपाही पैसा लेके जाम लगवा रहे है तो इनको कौन डरे आज तो छोटे मोटे ठेले वाले भी खुलेआम इनका रेट बता रहे है होमगार्ड ५ रुपया, सिपाही १० रुपया, दरोगा पकडे तो हद से हद पचास रुपया सोचिये पुलिस का रसूख कहां जा रहा है । उपनिरिक्षक यातायात अभी भी खाकी वर्दी में डियूटी निभा रहे है जबकी शासना देश के तहत यातायात कर्रि्मयो की वर्दी का रंग सफेद कमीज और खाकी पैंन्ट है हालात देखना हो तो बिना हूटर बिना सैडौ के पुलिस कप्तान को स्वयं लखनउहृ रोड सब्जी मंडी आना पडेगा ।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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