राष्ट्रीय लोकदल के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राम मेहर सिंह की अध्यक्षता में किसान प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की बैठक प्रदेश कार्यालय में सम्पन्न हुयी। बैठक के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्री मुन्ना सिंह चैहान जी ने सम्बोधित करते हुये कहा कि श्रद्धेय चै0 चरण सिंह ही किसानों के मसीहा थे। उन्होंने किसानों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ी।
उन्होंने कहा कि चैधरी अजित सिंह ने प्रदेश के गन्ना किसानों का वाजिब हक दिलाने के लिए विगत सरकार के मुखिया को मजबूर कर दिया तभी सरकार ने गन्ने के बकाये की धनराशि का भुगतान किया। किसानों को पहले ऋण पर लगभग 14 प्रतिशत ब्याज पर देना होता था लेकिन चैधरी अजित सिंह ब्याज की दर को घटाकर 9 प्रतिशत करवाया। कृषि मंत्री रहते हुये उन्होनंे प्रदेश में 40 चीनी मिलों की स्थापना की घोषणा की साथ ही साथ उन्होंने चीनी मिलों की स्थापना की दूरी 35 किमी से घटाकर 15 किमी किया।
श्री चैहान ने आगे बताया कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद जयन्त चैधरी ने संसद में भूमि अधिग्रहण व लोकपाल बिल पर किसानों व जनता के पक्ष को मजबूती से रखा। उन्होंने गेहूँ का समर्थन मूल्य बढाने के लिए प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री से मिलकर 65 रू/कु0 बढवाने का कार्य किया।
राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश सरकार से मांग करता है कि घोषणा पत्र में किये गये वादे के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा घोषित मूल्य में 50 प्रतिशत का इजाफा करके गेहूँ धान व गन्ना का वाजिब मूल्य किसानों को भुगतान करें। राष्ट्रीय लोकदल किसान प्रकोष्ठ प्रदेश सरकार से मांग करता है कि घोषणा पत्र मे किये वादे को ईमानदारी के साथ किसानों के हित में लागू करे।
राष्ट्रीय लोकदल के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राम मेहर सिंह ने किसानों के हित में 5 प्रस्ताव प्रदेश कार्यकारिणी के समक्ष रखा जिसे कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव निम्न है-
1. गन्ना किसानों का भुगतान सरकार शीघ्र कराये तथा पहले मिलगेट का गन्ना ही खरीदा जाये उसके बाहरी क्षेत्रों से मिल गन्ना खरीदें।
2. धान क्रय केन्द्र तुरन्त खोेले जाये तथा जो बन्द है सरकार चालू कराये, बिचैलिये से धान की खरीद पर रोक लगायी जाये।
3. आलू भण्डारण केन्द्र (कोल्ड स्टोरेज का किराया नियंन्त्रित किया जाये)
4. ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की घोषणा के अनुरूप ही विद्युत की आपूर्ति की जाये तथा सिंचाई के लिए किसानों को दिन में ही विद्युत आपूति सुनिश्चित की जाये।
5. भूमि अधिग्रहण पर तुरन्त रोक लगायी जाये, भूमि अधिग्रहण नीति की घोषणा सरकार तत्काल करें।
किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राममेहर सिंह ने सरकार से मांग की है कि सरकार उपर्युक्त प्रस्ताव को तत्काल लागू नहीं करती है तो किसान प्रकोष्ठ प्रदेश के किसानो को लामबन्द करके सड़क पर उतरकर संघर्ष करने को बाध्य होगा।
इस सभा को पूर्व विधायक डाॅ हरि सिंह ढिल्लों, सुखबीर सिंह, विधायक भगवती सिंह सूर्यवंशी, डाॅ अनिल चैधरी, राकेश कुमार सिंह मुन्ना, अनिल दुबे, प्रो0 के0के0 त्रिपाठी, प्रो0 यज्ञदत्त शुक्ल, आरिफ महमूद, आदि ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर सिंह महासचिव अशोक यादव, हरी प्रकाश, डा केशव सिंह कुशवाहा, जयकरन सिंह, बबिता शेहरावत, अम्बुज पटेल, वासुदेव वर्मा, सत्यनारायन तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, रमावती तिवारी, रामबाबू सुदर्शन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
यह जानकारी प्रदेश प्रवक्ता प्रो0 के0के0 त्रिपाठी ने दी।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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