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अभिनव गुप्त का संस्कृत शास्त्र मंे योगदान

Posted on 24 December 2012 by admin

विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

संस्कृत प्राकृत भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा रविवार को डी0पी0ए0 सभागार, लोक प्रशासन विभा लखनऊ विश्वविद्यालय मंे अभिनव गुप्त का संस्कृत शास़्त्र मंे योगदान विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गाया।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि अभिनव गुप्त जी का संस्कृत सहित्य में बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत आज भी उनके योगदान का ऋणी है। उन्होेंने संगोष्ठी की सफलता की शुभकामना व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी संगोष्ठी के आयोजनों से हम अपने ऋण को थोड़ा कम करने का सार्थक प्रयास करते हैं। श्री पाण्डेय जी द्वारा इस अवसर पर संगोष्ठी की ‘सार सड्क्षिप्तिका’ एवं ज्योतिर्विज्ञान सन्दर्भ समालोचनिका’ पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता मूर्धन्य विद्वान श्री रास बिहारी बोस तथा संचालन
डाॅ0 प्रयाग नारायण मिश्रा कर रहे थे। उक्त अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष
प्रो0 बृजेश कुमार शुक्ल द्वारा मंच पर आसीन आदरणीय जनों को स्मृति चिन्ह एवं शाल भेंट की गई।
संगोष्ठी में डाॅ0 अशोक बाजपेयी पूर्व कुलपति सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्व विद्यालय वाराणसी प्रोे0 अभिराज राजेन्द्र मिश्र, प्रो0 बृजेश कुमार शुक्ल, डाॅ0 राम सुमेर यादव सहित संस्कृत के विद्वान प्राध्यापकगण एवं शोधरत छात्र-छात्राएं तथा अन्य वरिष्ठ जन उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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