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ऐसी वस्तुओं पर कर न बढ़ाया जाय, जिन्हें समाज के मध्यम, निम्न मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोग इस्तेमाल में लाते हैं

Posted on 12 December 2012 by admin

प्रदेश के संसाधनो में अभिवृद्धि/बढ़ोत्तरी हेतु नगर विकास व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आज़म खाँ की अध्यक्षता में गठित संसाधन समिति की प्रथम बैठक में लाये गये प्रस्तावों के सम्बंध में पूरी तैयारी व जानकारी के साथ न आने वाले अधिकारियों को मोहम्मद आज़म खां ने सख्त निर्देश दिये हैं कि वे आगामी बैठक में पूरी तैयारी व जानकारियों के साथ आयें, ताकि जिन प्रस्तावों पर आंकड़ों के अभाव में समिति कोई निर्णय नहीं ले सकी है उन पर समुचित निर्णय लिया जा सके। साथ ही, उन्होंने उन उच्च अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिये जो इस महत्वपूर्ण बैठक में अकारण उपस्थित नहीं हुये।
समिति की प्रथम बैठक आज यहां विधान भवन स्थित तिलक हाल में मोहम्मद आज़म खां की अध्यक्षता में हुयी, जिसमें सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा समिति के सदस्य के रूप में श्रम व सेवायोजन मंत्री डाॅ0 वक़ार अहमद शाह, राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी, पंचायतीराज मंत्री श्री बलराम यादव, बाल विकास, पुष्टाहार एवं बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री श्री कैलाश चैरसिया एवं राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री नवीन चन्द्र बाजपेई मौजूद थे। यह समिति प्रदेश के संसाधनों में अभिवृद्धि/बढ़ोत्तरी के लिये विचार-विमर्श कर आगामी तीन माह में अपनी रिपोर्ट देगी। इसकी दूसरी बैठक आगामी 15 दिनों में आयोजित होगी।
बैठक के प्रारम्भ में ही समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसी वस्तुओं पर कर न बढ़ाया जाय, जिन्हें समाज के मध्यम, निम्न मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोग इस्तेमाल में लाते हैं। समिति के अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। श्री खान ने जोर देकर कहा कि गुटका, पान मसाला, तम्बाकू, सिगरेट आदि पर वर्तमान में लागू कर की दरों में अपेक्षाकृत और अधिक वृद्धि की जाये। ऐसा करने से न केवल राज्य के वित्तीय संसाधनों में वृद्धि होगी, बल्कि स्वास्थ्य के लिये हानिकारक इन पदार्थों के उपयोग में भी काफी कमी आयेगी। समिति ने एस.यू.वी वाहनों, रेल इंजिनों, वायुयानों एवं हेलीकाप्टरों में प्रयोग होने वाले डीजल/पेट्रोल पर भी कर की दरों में वृद्धि किये जाने का सुझाव दिया है ताकि अतिरिक्त वित्तीय संसाधन सृजित किये जा सकें।
समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा में आयोजित की जानेवाली ग्रां प्री इण्डिया फार्मूला-1 रेस को मनोरंजन कर से पूरी तरह से मुक्त किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताई, क्योंकि इससे प्रदेश को करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। श्री खां ने इस प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुये कहा कि इस कर मुक्ति को समाप्त कर इस पर उच्च दर का करारोपण किया जाये, क्योंकि 25-30 हजार रुपये के टिकट लेकर समाज का केवल अति समृद्ध वर्ग ही वहां पर मनोरंजन के लिये पहुंचता है।
सार्किल रेट के सामयिक पुनरीक्षण की समय सीमा दो वर्ष के स्थान पर एक वर्ष किये जाने के प्रस्ताव पर समिति ने निर्णय दिया कि रिवीजन समय सीमा एक वर्ष की जाये, लेकिन भूमि की उपयोगिता को देखते हुए सर्किल रेट को घटाने या बढ़ाने के सम्बंध में एक व्यापक गाइड लाइन तैयार की जाये। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि कलेक्टर द्वारा निर्धारित सर्किल रेट को अंतिम न माना जाये, बल्कि शासन स्तर पर भी इसकी विवेचना की व्यवस्था की जाये। आबकारी राजस्व के 10,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को बहुत कम बताते हुये मोहम्मद आजम खां ने कहा कि इसे बढ़ाया जाये और आगामी वित्तीय वर्ष के लिये ऐसी आबकारी नीति तैयार की जाये, जिससे प्रदेश को अपेक्षाकृत अधिक आय हो।
इस बैठक में संसाधनों में वृद्धि के लिये कर, मनोरंजन कर, निबन्धन, आबकारी, दुग्ध विकास, प्राविधिक शिक्षा एवं भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के प्रस्ताव रखे गये थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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