सिंचित करने की वृहद योजना तैयार

Posted on 21 November 2012 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार कृषकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कृत-संकल्प है। इसी क्रम में लघु सिंचाई विभाग द्वारा आगामी 5 वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 19.20 लाख हेक्टेयर शुद्ध असिंचित क्षेत्र को सिंचित करने की वृहद योजना तैयार की गई है।
लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार निःशुल्क बोरिंग योजना में जल के अपव्यय को रोकने हेतु जल वितरण के लिए एच.डी.पी.ई. पाइप सिंचाई सिस्टम के लिए अधिकतम 3000.00 रुपये के अतिरिक्त अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा गहरी बोरिंग व मध्यम गहरी बोरिंग योजना में निर्मित नलकूपों के ऊर्जीकरण हेतु विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय-समय पर निर्धारित अनुदान पृथक से दिये जाने की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में यह अनुदान 0.68 लाख रुपये है। अनुदान की यह राशि आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 से लघु सिंचाई विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी तथा लघु सिंचाई विभाग द्वारा कृषकों की बोरिंग होने के उपरान्त ऊर्जीकरण हेतु कृषक के नाम सहित उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन को उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही गहरे एवं मध्यम गहरे नलकूपों में बोरिंग हैण्ड ओवर होने के उपरान्त छः माह के अन्दर बोरिंग फेल होने की दशा में पुनः बोरिंग कराये जाने की व्यवस्था भी की गई है।
गहरे नलकूपों की योजना में जल के अपव्यय को रोकने हेतु वर्तमान में अनुमन्य अनुदान के अतिरिक्त जल वितरण के लिए एच.डी.पी.ई. सिंचाई सिस्टम की स्थापना हेतु अधिकतम 10000.00 रुपये के अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी प्रकार सामूहिक नलकूपों के निर्माण हेतु नये स्वरूप में डा0 राममनोहर लोहिया सामुदायिक नलकूप योजना नामक नयी योजना स्वीकृत की गई है जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति बाहुल्य समूहों को नलकूप निर्माण हेतु अधिकतम 5.00 लाख रुपये तथा सामान्य श्रेणी बाहुल्य समूहों को अधिकतम 3.92 लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा। इस अनुदान में नलकूप निर्माण, जल वितरण प्रणाली तथा नलकूप के ऊर्जीकरण हेतु पृथक-पृथक अनुदान की व्यवस्था है। ऊर्जीकरण हेतु विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय-समय पर निर्धारित अनुदान देय होगा तथा वर्ष 2013-14 से ऊर्जीकरण हेतु अनुदान की राशि लघु सिंचाई विभाग को उपलब्ध करायी जायेगी एवं लघु सिंचाई विभाग द्वारा समूह बोरिंग होने के उपरान्त ऊर्जीकरण हेतु धनराशि समूह के नाम सहित उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन को उपलब्ध करायी जायेगी।
सतही जल संसाधनों के उपयोग हेतु पम्पसेट देने की योजना के अन्तर्गत पम्पसेट क्रय हेतु सभी श्रेणी के कृषकों हेतु वर्तमान में अनुमन्य अनुदान 3000.00 रुपये को संशोधित कर निःशुल्क बोरिंग योजना के पैटर्न पर सामान्य श्रेणी के लघु कृषक को अधिकतम 4500.00 रुपये सीमान्त कृषक को अधिकतम 6000.00 रुपये तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के लघु एवं सीमान्त कृषक को अधिकतम 9000.00 रुपये का अनुदान स्वीकृत किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in