किसानों के उत्पीड़न के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन किया

Posted on 08 November 2012 by admin

किसान मंच उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा किसानों के उत्पीड़न के विरोध में आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन किया । प्रदर्शन का नेतृत्व किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष / संयोजक श्री शेखर दीक्षित जी ने किया। प्रदर्शन में किसान मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय प्रताप सिंह, प्रवक्ता योगेन्द्र त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री योगेश सिंह, प्रदेश सचिव रवि प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद मोनीश, मण्डल महामंत्री निशांत श्रीवास्तव, अरशद अली व हजारो किसान मंच के कार्यकर्ता सम्मलित हुए।

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा किसान मंच के नेता डा0 सुनीलम् समाजवादी जी को एवंम् उनकी वकील आराधना भार्गव तथा सुश्री मेधा पाटकर जी की गिरफ्तारी के विरोध में आज किसान मंच द्वारा जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया।

किसान मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री शेखर दीक्षित ने बताया कि, ‘‘12 जनवरी 1998 को मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के आन्दोलन को कुचलने के लिए किसानों का नरसंहार कराया था। किसानों की मांग सिर्फ इतनी थी कि मुल्तई में लगातार फसले खराब होने के कारण मुआवजा मांग रहे किसानों पर सरकार ने गोली चलवाई जिसमें 24 किसान भाई शहीद हो गए व उसी संघर्ष मे 3 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। जिन पुलिस वालों ने किसानों पर गोली चलाई उन पुलिस कर्मियों को पुलिस मोहकमें के ऊंचे ओहदों पर उन्हें तैनात किया गया। जबकि निहत्थे किसानों व उनके नेताओं पर फर्जी मुकदमें लगाए गए और उन्हें जेल भेज दिया गया।

19/10/2012 को डा0 सुनीलम् व उनके दो साथियों को निचली अदालत मुल्ताई जिला बैतूल से उम्र कैद की सजा सुनाई गई। एक तरफ जहां निहत्थे किसानों की मौत के लिए सरकार ने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों की पीठ थपथपाई वहीं जन आन्दोलन के जरिये किसानों की समस्याओं की बात करने वाले डा0 सुनीलम् को जेल भिजवाया उसका एक कारण यह भी है कि तत्कालीन सरकार वहां अदानी पावर प्रोजेक्ट को तेजी से काम करवाना चाहती है। सजा दिलवाने का उद्देश्य छिंदवाड़ा में परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण करना है। इस गंभीर प्रकरण का विरोध करने के लिए उनकी वकील आराधना भार्गव जी को भी 29/10/2012 को धारा 151 में सरकार ने जेल में भेज दिया। अधिवक्ता को जेल भेजने से सरकार की मंशा का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

दिनांक 04/11/2012 को समाजसेवी सुश्री मेधा पाटकर जी जब छिंदवाड़ा पंहुची तो वहां की भाजपा सरकार ने रात्रि में 11ः30 बजे सुश्री मेधा जी को भी जेल भेज दिया। सभी नियमों को ताक पर रखकर सरकार ने रात्रि में जेल भेजा जो अदानी को जमीन पर कब्जा करवाने के लिए किसी भी हद तक जाने का सन्देश दिया है। जहां भाजपा किसानों के हितैषी होने की बात करती है वहीं जिन प्रदेशों में वह शासन कर रही है वहां पर किसानों के साथ अत्याचार क्यों ? यह इनकी भीतरी सोच को प्रदर्शित करता है कि केवल पूंजीपतियांें के लिए ही भाजपा कार्य करती है।

आज प्रदर्शन के माध्यम से हम भाजपा का असली चेहरा सबके सामने रखना चाहते हैं जिससे उत्तर प्रदेश के किसानों को भी भाजपा की असलियत का पता लगे व किसान विरोधी नीतियों पर लगाम लगे। देश का सबसे बड़ा प्रतिशत किसानों का होने के बावजूद न किसान अपनी जमीन का मूल्य तय कर सकता और न ही अपनी फसल का जहां हम लोकतंत्र में रहने की बात करते हैं परन्तु राजतंत्र की तरह ही आज भी किसानों पर ज्यादत्तियाँ हो रहीं हैं। किसान सरकारे बनाता है अपने और अपने परिवार की बेहतरी के लिए, परन्तु सरकारें सिर्फ अपनी और चंद कार्पोरेट घरानों के हाथों की कठपुतली बन जाती है। महात्मा गांधी का सबसे बड़ा सपना था कि देश का किसान खुशहाल हो लेकिन यह हो न सका। किसान मंच किसानों की हर तरह की समस्याओं को सदैव उठाता रहा है और आगे भी किसान विरोधी नीतियों का विरोध करता रहेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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