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एनआरएचएम द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों के सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु औचक निरीक्षण करें: आलोक रंजन

Posted on 12 October 2012 by admin

बाल स्वास्थ्य गारण्टी योजनान्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 01 लाख स्कूलों में कक्षा 01 से 10 तक अध्ययनरत लगभग 02 करोड़ छात्र/छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था हेतु प्रत्येक ब्लाक में दो डेडिकेटेड मेडिकल टीमें तैनात की जाएंगी। अध्ययनरत विद्याार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण आगामी नवम्बर माह से अवश्य प्रारम्भ करा दिया जाए। प्रत्येक सप्ताह राज्य स्तर से वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त जनपदों में आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उसका निराकरण तत्काल कराया जाए। जननी सुरक्षा योजना के कार्याें में पारदर्शिता लाने हेतु लाभार्थियों का नाम, पता, प्रसव का स्थान व तिथि, भुगतान की तिथि एवं चेक संख्या तथा ए.एन.एम., आशा/लाभार्थी का मोबाइल नम्बर वेबसाइट www.jsyup.org में अवश्य प्रदर्शित कराया जाए।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन राज्य स्तरीय शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश आज दिए। उन्होंने कहा कि एनआरएचएम द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु औचक निरीक्षण कराए जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि एनआरएचएम के अन्तर्गत संविदा पर नियुक्त 1203 आयुष पुरूष चिकित्सक, 841 आयुष महिला चिकित्सक तथा 759 आयुष फार्मासिस्टों के कार्यों का भी औचक निरीक्षण कराया जाए, ताकि नवनियुक्त स्टाफ अपने दायित्वों का निर्वहन कर जन सामान्य को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे।
श्री रंजन ने बताया कि चिन्हित इकाइयों पर नवजात शिशुओं की देखभाल हेतु रेडिएण्ट वाॅर्मर तथा मेडिकल काॅलेजों में सिक न्यू बाॅर्न केयर यूनिट आवश्यक उपकरण व मानव संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के चिन्हित 10 बड़े चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे, 50 चिन्हित इकाइयों पर कलर डाॅपलर तथा चिन्हित 20 इकाईयों पर एक्स-रे मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना तथा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं व रूग्ण नवजात शिशुओं को अस्पताल पहुंचाने तथा मां व बच्चे को घर तक पहंुचाने हेतु एक हजार बेसिक एम्बुलेन्स की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि किंग जार्ज मेडिकल काॅलेज, लखनऊ में नर्सिंग तथा मिडवाइफरी के प्रशिक्षण हेतु सेन्टर आॅफ एक्सिलेन्स की स्थापना कराने के साथ-साथ सरोजनी नायडू मेडिकल काॅलेज आगरा तथा क्वीन मेरीज, मेडिकल काॅलेज लखनऊ के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में 100 शैय्या वाले मैटरनिटी विंग का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए सिफ्सा के 127 स्थानीय लोक विधाओं द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन जागरूकता कार्यक्रम क्रियान्वित कराए जाएंगे।
बैठक में मिशन निदेशक एनआरएचएम श्री अमित कुमार घोष ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 4672.75 करोड़ रुपये का रिसोर्स इनवलप आवंटित किया गया है, जिसके सापेक्ष 4198.57 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि अवशेष के सापेक्ष 369.95 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भारत सरकार को पूरक राज्य कार्य योजना-2 में भेजे जा रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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