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आई.एल. फिर से नई उंचाईयो की ओर अग्रसर

Posted on 08 October 2012 by admin

सार्वजनिक क्षेत्र में भारत की अग्रणी कम्पनी इन्स्टूमेंटेषन लिमिटेड ;आई. एल.द्ध के  अघ्यक्ष एवं प्रबंध निदेषक ;सीएमडीद्ध पी .एम भारद्वाज ने बताया कि आई.एल. की स्थ्तिि एक  बार फिर से नई उंचाईयों की ओर अग्रसर होने लगी है। उनके 1 जून   2012  को कार्यभार सम्भालने के बाद लिये गये कई अहम फैसलों के कारण यह सब भारी वित्तीय संकट के बावजूद सम्भव हो पाया है । खर्चो मे कमी , कार्यादेषो को जल्द से जल्द पूरा कर उनकी पेमेंट त्वरित गति से लाकर वापस प्रोडक्षन मे लगाने पर विषेश जोर दिया जा रहा है। पुराने अटके पेमेंटस भी लाने के प्रयास किय जा रहे है एवं इसके लिये विषेश कमीटीयो का गठन किया गया है जिसके अच्छे पणिाम आने लगे है। प्रबंध गुरू के रूप में विख्यात भारदवाज ने बताया कि आई. एल. की सबसे बडी  पूंजी  इसके पुराने एवं संतुश्ट ग्राहक और कार्यकुषल व  प्रषिक्षित कर्मचारी है। कोटा इकाई मे  रिकार्ड उत्पादन हुआ है और इस वित्तीय वर्श के पांच महीनांे मंे पिछले पूरे साल के बराबर उत्पादन हुआ है , इसमे भी 90  प्रतिषत उत्पादन  पिछले तीन  महीनो  में हुआ है। पालगाट मे भी उम्मीद के अनुसार उत्पादन हुो रहा है। कोटा एवं पालगाट इकाइ में 30 करोड के आधुनिकरण का काम किया जा रहा है जिसमे नई ब्छब् मषीने लगाना भी षामिल है। नये आर्डर भी आ रहे है जिससे प्रोडक्षन षाप में लोड आने लगा है एवं कर्मचारियांे मे उत्साह का वातावरण है एवं विष्वाष फिर से जाग्रत  हो रहा है। इन सब से कम्पनी मे अनुषासन मे भी सुधार आया है। सीएमडी  पी .एम भारद्वाज ने आई.एल. की विषेशताओ के बारे मे टिप्पणी करते हुये कहा कि आई.एल. पिछले चार दषकों से  प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के क्षेत्र मे अग्रणी कम्पनी रही है और देष के 70 प्रतिषत तापीय विद्युत घर, आई.एल. के उत्पादो से चल रहे है। आई.एल ने देष के ढांचागत एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन कम्पनी अभी डिफेंस  पावर  टेलिकाम  इस्पात  रिफाईंरी  रेल्वे  पेट्ोकेमिकल्स आदि क्षेत्रो! के महत्वपूर्ण प्रोजेक्स पर काम कर रही है और अपने कार्य क्षेत्र के  विस्तार में जुटी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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