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बसपा के पूर्व बिधायक से भी अरविन्द का था विरोध

Posted on 24 August 2012 by admin

हिस्ट्रीशीट खुलने के साथ ही लगा था गैगेस्टर
प्रापर्टी डीलर अरविन्द सिंहि टाटा का जहांगीरगंज के पूर्व ब.स.पा बिधायक त्रिभुवनदत्त से 36 का आंकड़ा था। ब.स.पा शासनकाल में बिधायक रहे त्रिभुवनदत्त के दवाव के कारण ही पुलिस लगातार अरविन्द ंिसंह के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर प्रताडि़त कर रही थी। खुद कई बार बिधायक त्रिभुवनदत्त एवं अरविन्द सिंह टाटा की भी कहासुनी हुई थी। मृतक के पिता हरिप्रसाद सिंह,पत्नी रेखा सिंह, मां विन्ध्यवासिनी सिंह एवं भाई अभिमन्यु सिंह का कहना है कि अरविन्दसिंह सदैव साजिश के ही शिकार हुये। ब.स.पा के पूर्व बिधायक त्रिभुवनदत्त के दवाव के कारण ही अरविन्द को फर्जी मामलों में फंसाकर राजनीतिक द्वेष वश प्रताडि़त किया जाता रहा। अरविन्दसिंह की पत्नी रेखा सिंह ने ब.स.पा प्रत्याशी के विरूद्ध जिला पंचायत की जहांगीरगंज पद्विचमी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था। मामपुर में वह अपनी वैनामा शुदा भूमि पर कब्जे का प्रयास कर रहे थे। उसी जमीन कर सपा नेता राधेश्याम यादव ने अपनी पत्नी के नाम फर्जी बैनामा करा लिया था। जिसके बाद अरविन्द सिंह टाटा पर कई मामले दर्ज हुये। ज्ञातब्य रहे कि जहांगीरगंज थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। जिसका नम्बर 74ए है। उनके विरूद्ध अतरौलिया थाने में फिरौती के लिये अपहरण करने तथा जहांगीरगंज थाने में जानलेवा हमले, गम्भीर मारपीट,गंुडा एक्ट, धोखा ध्सड़ी, आम्र्स एक्ट के भी मुकद्मे दर्ज हुये। उनपर गैंगेस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हुई थी। एन.एस.ए की कार्रवाई भी शुरू हुई थी लेकिन उसे अनुमति नहीं मिल पायी थी। ज्यादातर मामले राजनैतिक द्वेषवश ही पुजीकृत कराये गये थे।

….तो अपनी ही सरकार को चुनौती दे रहे सपाई

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सूवे की कानून ब्यवस्था चुस्त दुरूस्त बनाये रखने के लिये चाहे जितने प्रयास कर रहे हों लेकिन अम्बेडकरनगर जिले में तो सपाई खुद अपनी ही सरकार को चुनौती दे रहे है। जिले में अधिकांश लग्जरी गाडि़यांे पर सपा का झंडा फहर रहा है। सरकार वनते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वाहनों पर सपा का झंडा प्रयोग किये जाने हेतु वाकायदा दिशा निर्देश जारी किया था। लेकिन अम्बेडकरनगर जिले में अखिलेश का यह फरमान सपाइयों ने हवा में उड़ा दिया। जलालपुर में 15 अगस्त को घागा व्यवसायी से हुये लूटपाट के बाद भागते समय लुटेरे ने स.पा का झंडा लगी स्कार्पियों गाड़ी का प्रयोग किया। इसमें एन.टी.पी.टी में ठेकेदारी करने वाले मंत्री के करीवी का नाम आने के बाद पुलिस को सांप सूंघ गया। अब सारी कवायद सिर्फ कागजों तक सीमित है। ईद के मौके पर सोमवार को जहांगीरगंज थानाक्षेत्र के मखदूमपुर गांव निवासी प्रापर्टी डीलर अपविन्दसिंह टाटा की हत्या में जिस स.पा नेता पूर्व प्रधान राधेश्याम यादव को नामजद किया गया वह पूर्वांचल के ही सत्तापक्ष के एक प्रभावशाली मंत्री के करीबी हैं। इसी वजह से पुलिस उनपर हाथ डालने से कतरा रही है। जिले की कई अन्य घटनाओं में भी समाजवादी पार्टी से जुड़े ही कार्यकर्ताओं के नाम सामने आये। जिसके कारण सपाई अपनी ही सता को चुनौती देते नजर आ रहे है।

परिजनों का आरोप…..
जमीनी विवाद में कानूनी जंग में बाजी हारते देख ही बुना गया अरविन्द सिंह टाटा की हत्या का तानाबाना
जमीन के चन्द टुकड़े ने वेगुनाह की जान निगल गया। अरचिन्द सिंह टाटा का गंनाह सिर्फ इतना था कि वे जमीनी विवाद की जंग में जीत की तरफ अग्रसर थे। लिहाजा वाजी हाथ से निकलते देख उनके विपक्षियों ने उन्हें रास्ते ही हमेशा के लिये हटा देने का ताना वाना वुन लिया। प्रतिशोध के जुनून में अरविन्द सिंह टाटा को मौत के घाट उतार दिया गया। जहांगीरगंज थानान्तर्गत मामपुर वाजार में करोड़ो रूपये की वेशकीमती दो भूखण्ड ही हत्या के अहम कारण वने। मामपुर के पूर्व प्रधान स.पा नेता राधेश्याम यादव ने मामपुर में उसी भूखण्ड का दूसरे ब्यक्ति को खड़ा कर फर्जी वैनामा करा लिया था। जिसकी रजिस्ट्री अरविन्द सिंह टाटा ने करा रखी थी। पूर्व व.स.पा बिधायक त्रिभुवनदत्त के सहयोग ये राधेश्याम ने आनन फानन में उस पर निर्माण करा लिया। यह बात अलग रही कि अपनी जमीन पर किये गये अवैध निर्माण को टाटा ने ढहवा दिया। फिर ब.स.पा बिधायक के दवाव में ही जहांगीरगंज थाने में कई अपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। जेल से रिहा होने के उपरान्त न्यायलय के जरिये कानूनी लड़ाई में लग गये। हजसमें डनहें सफलता भी मिली। स.पा. नेता राधेश्याम यादव समेत आधादर्जन लोगों के विरूद्ध आलापुर थाने में न्यायलय के निर्देश पर धोखा धड़ी का मामला भी दर्ज किया गया। जिसमें राधेश्याम की पत्नी को छोड़ अन्य आरोपितों को जेल की हवा खानी पड़ी। जबकि पत्नी अभी हाजिर भी नहीं हुई है। कानूनी वाजी राधेश्याम के हाथ से निकल चुकी थी। इसी बीच मामपुर के  मौजूदा ग्रामप्रधान वेदप्रकाश जायसवाल के चाचा का विवाद हो गया। टाटा ने वेदप्रकाश के चाचा शिवशंकर जायसवाल की वेश कीमती जमीन वैनामा करा लिया। चूंकि वेदप्रकाश अपने चाचा की जमीन भी हड़पना चाहता था। लिहाजा दवंग अरविन्द सिंह का वैनामा कराना उसे नागवार लगा। चूंके राधेश्याम एवं वेदप्रकाश जासवाल आपस में एक हो गये। तथा अरविन्द सिंह टाटा की हत्या का तानावाना वुनने लगे। घटना के सप्ताह भर पूर्व वेदप्रकाश जायसवाल ने 35 लाख रूपये में अपनी जमीन वेंच दी। समझाा जाता है कि यह रकम अरविन्द की हत्या कराने के लिये ही बटोरी गयी थी। अरविन्द के ही साथी रहे रवि सिंह, शनीसिंह एवं नवीन सिंह को भी दोनों ने प्रलोभन देकर तोड़ लिया। और उन्हीं के जरिये अरविन्द को मौत के घाट उतार उतरवा दिया। यह दास्तां सुनाते सुनाते मृतक की विधवा रेखा सिंह फफक फफककर रो पड़ती हैं। उनका कहना है कि उनके पति जब कानूनी जंग जीत रहे थे तो हार के भय से इन्हीं लोगों ने उनकी जान ले ली। अब सत्ता पक्ष के एक प्रभावशाली मंत्री आरोपितों के बचाव में लगे है। लेकिन वे पति के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाकर ही दम लेंगी।

अरविन्द की हत्या दुःखद, हत्यारों की हो शीघ्र गिरफ्तारी-  विधायक
गौरीगंज के स.पा.विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अरविन्द सिंह टाटा की निर्ममता पूर्वक की गई हत्या की कड़े शब्दों में भत्र्सना करते हुये कहा कि अरविन्द सिंह टाटा की हत्या काफी दुःखद एवं निन्दनीय है। संकट की इस असहाय घड़ी में वे मृतक के परिजनों के साथ हैं। तथा मामले की निष्पक्ष जांच हो व सभी नामजद हत्याभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये प्रयास करेंगे। उन्होंने सूबे के डी.जी.पी. समेत अन्य उच्चाधिकारियों से वार्ताकर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित किये जाने की मांग की है।
गुरूवार को खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराजप्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के प्रतिनिधि के रूप में मखदूमपुर गांव आये गौरीगंज के स.पा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने मृतक प्रापर्टी डीलर अरविन्द सिंह टाटा के परिजनों से मुलाकातकर उन्हें ढाढस बंधाते हुये उनकी हरसम्भव मदद का भरोसा दिलाया। श्री सिंह ने घटना के तीन दिन बीत जाने के वाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुये जरिये दूरभाष डी.जी.पी एवं एस.पी से वार्ता कर अविलम्ब हत्यारांे की गिरफ्तारी सुनिश्चित किये जाने की मांग किया। उन्होने परिजनों को आश्वस्त करते हुये कहा कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा तथा किसी भी प्रकार की नाइंसाफी नहीं होने दी जायेगी। उक्त मौके पर गौरी गंज से उनके साथ आये पवनकुमार के अलावा चन्द्रशेखर सिंह, भगतसिंह,जे.पी.सिंह, इन्द्रसेनसिंह, अजयसिंह, दिनेशप्रताप सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

विधायक को देखकर फफक कर रो पड़े अरविन्द के परिजन
untitled-11 प्रापर्टी डीलर अरविन्द सिंह टाटा की हत्या की खबर सुनकर गुरूवार को मखदूमपुर गांव पहुंचे गौरीगंज के स.पा. विधायक राकेश प्रताप सिंह को देख उनके परिजन फफक फफककर रो पड़े। मृतक अरविन्द की पत्नी रेखा सिंह व पुत्रियां सुरूचि एवं शिवांशी तथा पुत्र शिवांश सिंह भाई अभिमन्यु सिंह एवं मां विन्ध्यवासिनी सिंह फफक फफककर रो पड़ी। मृतक के पिता हरिप्रसाद सिंह का तो रोरोकर वुरा हाल था। जबकि चाचा राघव सिंह भी फफक फफक कर रो रहे थे। विधायक श्री सिंह की भी आंखें नम हो गईं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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