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रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना में बी.पी.एल. परिवारों को भी शामिल किया जायेगा

Posted on 25 July 2012 by admin

बी.पी.एल. सूची में शामिल होने से रह गये वंचित परिवारों को राहत देने के लिए संचालित रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना में उन बी.पी.एल. परिवारों को भी शामिल किया जायेगा, जिनके सदस्यों को बी.पी.एल. राशन कार्ड, अन्त्योदय योजना तथा विभिन्न पेंशनों जैसे वृद्धावस्था, बेसहारा, विधवा तथा विकलांग पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। इस फैसले से प्रदेश के 50 प्रतिशत बी.पी.एल. अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवार लाभान्वित होंगे। योजना के नये स्वरूप में परिवार की महिला को मुखिया के रूप में शामिल किया जायेगा, जिन परिवारों में महिला मुखिया नहीं हैं वहां पुरूष मुखिया इस योजना के लाभार्थी बनेंगे।
प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री सदाकांत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के लिए गरीबी रेखा के सम्बन्ध में औसत पांच सदस्यों के परिवार को आधार मानते हुए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 19,884 रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष तथा शहरी क्षेत्रों में 25,546 रुपये प्रति परिवार प्रतिवर्ष की अधिकतम् आय सीमा निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की परिभाषा मंे स्वयं/स्त्री/पुत्र/अविवाहित पुत्री/माता/भाई या अन्य कोई सदस्य जो साथ मंे रहता हो तथा एक ही चूल्हे का बना खाना खाता हो, पात्र होंगे। प्रमुख सचिव की ओर से समस्त जिलाधिकारी तथा समस्त जिला समाज कल्याण अधिकारियों को भेजे गये पत्र में निर्देश दिये गये हैं कि योजना के अन्तर्गत चयनित लाभार्थी परिवारों को 400 रुपये प्रति माह की दर से दो छमाही किश्तों में पेंशन की धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी। प्रथम छमाही की पेंशन की धनराशि माह अगस्त-सितम्बर 2012 में तथा द्वितीय छमाही पेंशन की धनराशि माह नवम्बर-दिसम्बर 2012 में पे्रषित की जायेगी। श्री सदाकांत ने बताया कि लाभार्थी के द्वारा किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में खाता खोलकर इसका लाभ लिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत  लाभान्वित  परिवारों  को यदि किसी अन्य योजना जैसे
बी.पी.एल. योजना, अन्त्योदय कार्यक्रम अथवा किसी पेंशन योजना से लाभान्वित किया जाता है तो वह इस योजना में स्वतः अपात्र हो जायेंगे और उसका नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया जायेगा।
प्रमुख सचिव द्वारा  जिलाधिकारियों   को   निर्देश   दिये गये हैं कि दिनांक 15.01.2010 द्वारा लागू उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना में भी चयन का यही आधार था। उस योजना में चयनित लाभार्थियों की सूची जनपदों में तथा विभागीय वेबसाइट पर भी पूर्व से ही उपलब्ध है। सामान्यतः उन समस्त लाभार्थियों को रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के अन्तर्गत अर्ह माना जायेगा, परन्तु नई योजना में सम्मिलित करने से पूर्व उन लाभार्थियों का आगामी 31 जुलाई तक एक बार सत्यापन अवश्य करा लिया जाय तथा जो लाभार्थी कतिपय कारणों से अपात्र हो जायें, उनके कारणों का उल्लेख करते हुए उन्हें सूची से अलग कर दिया जाय। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि पात्रता की शर्तों को पूर्ण करने वाले लाभार्थी परिवार यदि किन्हीं कारणों से पूर्व में सम्मिलित होने से रह गये हों अथवा अब पात्रता की शर्तों के आधार पर पात्र हो गये हों, तो उनको भी सूची में सम्मिलित कर लिया जाय।
प्रमुख सचिव ने सूची को अन्तिम रूप देते हुए आगामी 31 अगस्त, तक उसे सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करने तथा विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिये हैं। इस योजना का अनुश्रवण जिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य सहयोगी विभागीय अधिकारियों द्वारा इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। लाभार्थियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों द्वारा लिया गया निर्णय अन्तिम होगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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