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बिजली विभाग ने मा0 मुख्यमंत्री जी की घोशणा का किया अपमान

Posted on 14 July 2012 by admin

कारपोरेषन द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं की दरों में गुपचुप बढ़ोत्तरी पर आम जनमानस में रोश
कारपोरेषन अपने शड़यन्त्र में यदि होता कामयाब तो साल भर में कमाता रू.420 करोड़
उपभोक्ता परिशद ने प्रदेष के मा0 मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप     की मांग
दोशी अभियन्ताओं पर अविलम्ब हो कार्यवाही

उ0प्र0राज्य विद्युत उपभोक्ता परिशद की आज एक आपात बैठक उपभोक्ता परिशद अध्यक्ष अवधेष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिसमें पावर कारपोरेषन द्वारा गुपचुप तरीके से ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोत्तरी करने के शड़यन्त्र पर विचार विमर्ष किया गया।
अध्यक्षता करते हुए परिशद अध्यक्ष एवं विष्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेष कुमार वर्मा ने  कहा कि पावर कारपोरेषन द्वारा जिस तरह गुपचुप तरीके से ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोत्तरी कराने का प्रयास किया गया है, उससे पूरे प्रदेष में आम जनमानस में रोश व्याप्त है। यह कार्यवाही किसी भी प्रकार से क्षम्य योग्य नहीं है। मा0 मुख्यमंत्री जी को प्रकरण पर हस्तक्षेप करते हुए ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही कराना चाहिए जिन्होंने उनके द्वारा किये गये वादे का भी सम्मान नहीं किया, जिसमें मुख्यमंत्री जी द्वारा अनेकों बार यह घोशणा की जा चुकी है, कि घरेलू ग्रामीण व किसानों की बिजली दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जायेगी, फिर भी पावर कारपोरेषन के टैरिफ विंग द्वारा इस प्रकार का शड़यन्त्र किया गया, जो मुख्यमंत्री जी के आदेषों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। मा0 मुख्यमंत्री जी को अविलम्ब जनहित में कदम उठाना चाहिए।
पूरे प्रदेष में अनमीटर्ड घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं की कुल संख्या वर्श 2012-13 टैरिफ प्रस्ताव के अनुसार लगभग 4357285 लाख है, और उनका कुल संयोजित भार 7127905 किलोवाट है, अर्थात वर्तमान प्रस्तावित दर के अनुसार अभी तक जो ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से वसूली रूपया 125 प्रति कनेक्षन, प्रतिमाह के अनुसार होनी है, वह लगभग 54 करोड़ प्रतिमाह है, और यदि पावर कारपोरेषन के गुपचुप फार्मूले भार को आधार मानकर रू.125 प्रति किलोवाट, प्रतिमाह की दर से आंकलन किया जाये तो वह लगभग 89 करोड़ प्रतिमाह होगा, मतलब पावर कारपोरेषन अपने शड़यन्त्र में कामयाब हो जाता तो लगभग प्रतिमाह 35 करोड़ रूपया ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं से अतिरिक्त कमाता। कुल मिलाकर साल भर में ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को अपनी जेब से लगभग 420 करोड़ रूपया अतिरिक्त बिजली कम्पनियों को देना पड़ता। उपभोक्ता परिशद मा0 नियामक आयोग का आभार प्रकट करता है कि आयोग द्वारा ससमय कदम उठा लिया गया। उपभोक्ता परिशद प्रदेष के मा0 मुख्यमंत्री जी जो ऊर्जा मंत्री भी हैं, उनसे मांग करता है कि वह समय रहते कदम उठायें, कि उनके द्वारा आम जनमानस को राहत देने हेतु जो घोशणाएं व आदेष दिये जा रहे हैं, उस पर बिजली कम्पनियांॅ पूरी तरह अमल करें, और यदि इसी तरह बिजली कम्पनियों द्वारा कार्यवाही की जायेगी तो निष्चित ही आने वाले समय में प्रदेष की जनता का विष्वास सरकार से उठना स्वाभाविक है।
बैठक में प्रमुख रूप से सर्वश्री सुनील कुमार, मायाराम वर्मा, पीयूश चन्द्र, महेन्द्र कुमार, आषाराम प्रजापति, नवीन चन्द्र, महेष अग्रवाल, सहित अनेको पदाधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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