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गेहूं के बाजार मूल्य में बढ़ोत्तरी के लिए राज्य सरकार प्रतिष्ठित कम्पनियों को बल्क पर्चेज की अनुमति देगी

Posted on 27 April 2012 by admin

मण्डी समिति में पंजीकृत आढ़तियों को भी दी जाएगी गेहूं खरीद की अनुमति, अब तक 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई

cm-photo-27-april-2012-002 मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रत्येक दशा में दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रतिष्ठित कम्पनियों और निजी संस्थाओं को बल्क पर्चेज की अनुमति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद प्रतिस्पद्र्धा बढ़ाना है ताकि गेहूं का बाजार मूल्य और बढ़ सके। उन्होंने बताया कि इस क्रम में एक निजी कम्पनी को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद की अनुमति प्रदान कर दी गई है। कई अन्य कम्पनियों से भी बातचीत चल रही है, जिन्हें इसी प्रकार की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री आज सचिवालय, एनेक्सी में गेहूं खरीद की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद की वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न क्रय एजेन्सियों के साथ-साथ मण्डी समितियों में पंजीकृत आढ़तियों को भी गेहूं खरीद की अनुमति प्रदान की जाएगी। इन आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत कमीशन देय होगा और फिलहाल इसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि आढ़तियों के माध्यम से गेहूं तभी खरीदा जाएगा जब वे किसानों को ‘एकाउन्ट पेयी चेक’ के माध्यम से तत्काल भुगतान करेंगे। किसानों को किए जाने वाले भुगतान का समस्त लेखा-जोखा एक पृथक ‘सेल रजिस्टर’ में किया जाएगा, जिसका सत्यापन जिलाधिकारी द्वारा नामित राजस्व अधिकारी करेंगे।
श्री यादव ने बताया कि एच.डी.पी.ई./पी.पी. बोरों के इस्तेमाल की अनुमति के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया जाएगा ताकि बोरों की उपलब्धता की कोई समस्या न हो। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में अब तक 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। वर्तमान सीजन में गेहूं खरीद के लिए 4,884 केन्द्र खोले गए हैं, जबकि पिछले वर्ष 4,443 क्रय केन्द्रों पर ही खरीद की गई थी। अब तक 640 करोड़ रुपये की खरीद हो चुकी है और विभिन्न क्रय एजेन्सियों द्वारा लगभग 2 हजार 538 करोड़ रुपये की धनराशि गेहूं खरीद के लिए उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में क्रय एजेन्सियों के पास लगभग 1900 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं।
इसी प्रकार बोरों की उपलब्धता के बारे में मुख्यमंत्री को बताया गया कि फिलहाल 34 हजार 750 गांठें उपलब्ध हैं, जो लगभग 8.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त हैं। एक अनुमान के मुताबिक गेहूं खरीद के लिए आगामी 8-10 दिनों में बोरों की उपलब्धता में किसी प्रकार की समस्या होने की उम्मीद नहीं है। मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि आगामी 5 मई से प्रदेश को कोलकाता से एक रैक बोरों की गांठ लगभग रोजाना प्राप्त होने लगेगी।
बैठक में लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री श्री शिवपाल सिंह यादव, कृषि मंत्री श्री आनन्द सिंह, खाद्य एवं रसद मंत्री श्री रघुराज प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्री बलविन्दर कुमार, प्रमुख सचिव कृषि एवं कृषि विपणन श्री राजीव कपूर, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री देवाशीष पंडा, आयुक्त खाद्य एवं रसद श्रीमती अर्चना अग्रवाल, निदेशक मंडी परिषद श्री सतेन्द्र सिंह तथा भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबन्धक श्री अनुराग गुप्ता भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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