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स्थानीय निकाय की मतदाता सूची को तैयार करने में विसंगतियां हुई हैं

Posted on 17 April 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण कराने में हुई विसंगति को दूर करने तथा मतदाता सूची में अंकित होने से रह गए मतदाता को मतदाता सूची का भाग बनाने का आग्रह किया है। प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने बताया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेई ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से दूरभाष पर वार्ता कर इस संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई और उन्हें पत्र लिखा।
श्री पाठक ने कहा कि स्थानीय निकाय की मतदाता सूची को तैयार करने में विसंगतियां हुई हैं। प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेई ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे अपने पत्र में इन विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया है। डा0 बाजपेई ने अपने पत्र में कहा कि कई स्थानीय निकाय के गृहकर विभाग में अंकित मोहल्ले व उसके मतदाता आयोग द्वारा तैयार सूची में नहीं है।  2006 के मतदाता में जो मतदाता थे मोहल्ले अब इस मतदाता सूची का भाग नहीं हैं जबकि परिसीमन में कोई परिवर्ततन नहीं किया गया है। मतदाता सूची में कुछ पन्ने किसी वार्ड के और कुछ पन्ने किसी वार्ड के हैं। इस प्रकार की भ्रामक स्थिति प्रचुर मात्रा में है। इसीतरह जो नाम विधानसभा की मतदाता सूची में हैं व नाम नगर निगम के मतदाता सूची में नहीं हैं। इसकी संख्या सैकड़ों में प्रति बूथ है।
श्री पाठक ने बताया कि भाजपा राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकाय से आग्रह किया है कि जिस प्रकार भारत निर्वाचन आयुक्त ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए गंभीर प्रयास किया था। उसी प्रकार जिले से बाहर से किसी पीसीएस अधिकारी को मतदाता सूची का प्रभारी बनाकर भेजा जाए, साथ ही पूर्व में पुर्नरीक्षण अभियान में प्राप्त उपरोक्त प्रकार की विसंगति जो अनिस्तारित ह,ै उसे भी निस्तारित कराने का कार्य हो। उन्होंने कहा कि मा0 सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार कार्यक्रम घोषित होने की तिथि 31 मई 2012 हो गई है इसलिए इस पुनर्रीक्षण कार्यक्रम को जो पूर्व में समाप्त हो गया था अब 20 मई तक बढ़ाने और 31 मई तक प्राप्त दावे आपत्तियों को निस्तारण करने का कार्य किया जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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