Categorized | लखनऊ.

साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक 2011 को वापस लेकर सरकार देष के हिन्दूओं से मांफी मांगे

Posted on 15 December 2011 by admin

भारतीय संस्कृति सभा के बैनर तले देष के संत-धर्माचार्य साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक 2011 को वापस लेने की मांग को लेकर देष भर में कर सकते हैं प्रचण्ड आन्दोलन।  आन्दोलन का स्वरूप जिला व प्रान्त स्तर से लेकर राश्ट्रीय स्तर तक हो सकता है।
दिल्ली के ज्वालामुखी मंदिर, रामकृश्णपुरम् में भारतीय संस्कृति सभा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संत समागम की बैठक से वापस लौटकर विष्व हिन्दू परिशद के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी षरद षर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कांची कामकोटिपीठ के जगदगुरू षंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में तथा राश्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मा.मोहन राव भागवत एवं विष्व हिन्दू परिशद के अन्तर्राश्ट्रीय अध्यक्ष मा.अषोक सिंहल जी  की उपस्थिति में देष के प्रमुख संत-धर्माचार्यो व विभिन्न पंथ जैन, बौध, सिक्ख धर्मगुरूओं ने एक स्वर से यह मांग उठायी कि साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक 2011 को वापस लेकर सरकार देष के हिन्दूओं से मांफी मांगे। और यह भी कहा गया कि ऐसा कानून बनाने वाली नेषनल एडवाइजरी कमेटी को तत्काल बर्खास्त किया जाये।
उन्होंने कहा अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है तेा देष के प्रत्येक कोने में पूज्य संत’-धर्माचार्यो के नेत्ृत्व में व्यापक आन्दोलन की रूपरेखा बनायी जायेगी। क्योंकि इस विधेयक से मठ-मंदिर, संत-धर्माचार्य, रामलीला, गणेषोत्सव, तथा हिन्दूओं के अन्य धार्मिक कार्यक्रम, हिन्दुओं की धार्मिक, सामाजिक संस्थायें, व्यापार एक वर्ग विषेश की दया पर निर्भर हो जायेगा। वोट बैंक  की राजनीति किस कदर देष की आर्थिक, आन्तरिक व वाह्य सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है वह इस कानून के लागू होने पर दिखायी पडेगा। यह कानून लागू न होने पाये इससे पूर्व संत-धर्माचार्य इस पर अभी से मंथन करने लगे हैं।  उन्होंने बताया जिस प्रकार से सेतु बन्ध रामेष्वरम को तोडने की साजिष को विफल करने के लिए गांव-गांव में आन्दोलन का विगुल फुॅंका गया और तत्पष्चात् दिल्ली के रोहिणाी पार्क में ऐतिहासिक रैली हुई ठीक उसी प्रकार से सरकार अगर नहीं चेती तो दिल्ली में एक बार पुनः संत-धर्माचार्य और उनके नेतृत्व मंे हिन्दू समाज एकत्रित हो षंखनाद कर सकता है।
श्री षर्मा ने बताया कि भारतीय संस्कृति सभा का गठन इस कार्यक्रम के निमित्त किया गया है जिसमें जगदगुरू षंकराचार्य, रामानन्दाचार्य, रामानुचार्य, श्रीमहंत एवं विभिन्न पंथों जैन, बौध, सिक्ख धर्मगुरूओं को भी सम्मिलित किया गया है। भारतीय संस्कृति सभा के बैनर तले षीघ्र ही इस विशय पर प्रान्तों में बैठकों का भी आयोजन होगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

April 2025
M T W T F S S
« Sep    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
-->









 Type in