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चिन्तन बैठक में तय हुई रणनीति - राजनीति की मुख्यधारा में आयेंगे वैश्य

Posted on 09 December 2011 by admin

22 दिसम्बर को राजधानी में होगा वैश्य स्वाभिमान सम्मेलन

कई एक मुद्दों को लेकर आगमी 22 दिसम्बर को वैश्य समाज का प्रदेश स्तरीय स्वाभिमान सम्मेलन कराये जाने की भूमिका बनी है जिसके जरिये समाज निकाय व विधान सभा चुनावों में अपनी समुचित भागीदारी के लिए रणनीति तय करेगा।
वैश्य स्वाभिमान परिवार द्वारा आयोजित लखनऊ के प्रमुख वैश्य प्रतिनिधियों की चिन्तन बैठक में उक्त निर्णय लिए गये। हजरतगंज के त्रिलोकनाथ रोड स्थित कार्यालय में आज हुई बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी डा. नीरज बोरा ने की। सर्वसम्मति बनी कि वैश्य समाज का मुखिया गैर राजनीतिक होना चाहिए, जिससे कि वह ईमानदारी पूर्वक वैश्यों की बात उचित फोरम पर रख सके। राजनीतिक दलों द्वारा वैश्यों की दावेदारी को नकारकर टिकट वितरण में की जा रही उपेक्षा तथा सत्तारूढ़ दल द्वारा उत्तर प्रदेश के दोसर, अगहरि, बरनवाल, रौनियार, उमर, ओनाय, केसरवानी, अयोध्यावासी, गुलहरे आदि पिछड़े वैश्यों को आयोग की संस्तुति के बाद भी पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित नहीं किये जाने का मुद्दा भी बैठक में जोर-शोर से उठा। यह भी विषय उठा कि छोटे दलों द्वारा यदि वैश्यों को टिकट दिया जाता है तो उनका पूरा समर्थन किया जाएगा। इन सभी मुद्दों पर चर्चा कर सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से वैश्यों का प्रदेशस्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन आगामी 22 दिसम्बर को हजरतगंज स्थित कैपिटल सेन्टर में होगा जिसमें प्रत्येक जनपद के प्रतिनिधि व वैश्य उपवर्गों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे।
बैठक में सर्वश्री होरीलाल गुप्ता, भारतभूषण गुप्ता, मनीष खेमका, डा. अनिल गुप्ता, बृजेश गुप्ता ‘चंचल’, जे.पी. गुप्ता, के.सी. गुप्ता, डा. राजाराम गुप्ता, अरूण आजाद, महेश साहू, दिलीप साहू, सतीश गुप्ता, गिरिजाशंकर जायसवाल, अंजू अग्रवाल, मीना वाष्र्णेय, रेनू जायसवाल, दीपक गुप्ता, प्रदीप सेठ, गिरीश गुप्ता, संकठा प्रसाद अग्रहरि, जगदीश अग्रहरि, राजेन्द्र कुमार गुप्ता, शशिकुमार गुप्ता, रवि प्रकाश गुप्ता सहित समाज के प्रमुख लोगों ने भाग लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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