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सुश्री मायावती लगातार भ्रष्टाचार से घिरे मंत्रियों का बचाव करती रही हैं

Posted on 29 November 2011 by admin

कंाग्रेस पार्टी द्वारा बार-बार भ्रष्टाचार के खिलाफ उठायी जाने वाली आवाज को मुख्यमंत्री द्वारा राजनीतिक मंशा से प्रेरित करार दिया जाता है, लेकिन लोकायुक्त की जांच में पूर्व में कई मंत्रियों के दोषी पाये जाने एवं एक बार पुनः अम्बेडकर ग्राम विकास राज्य मंत्री श्री रतन लाल अहिरवार को बुंदेलखण्ड विकास निधि एवं विधायक निधि के दुरूपयोग सहित ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा किये जाने जैसे गंभीर भ्रष्टाचार का दोषी पाये जाने पर मुख्यमंत्री की कलई खुल गयी है, नैतिकता का तकाजा तो यह है भ्रष्टाचारियों से भरे अपने मंत्रिपरिषद के लिए खुद जिम्मेदारी लेते हुए स्वयं मुख्यमंत्री सुश्री मायावती को अविलम्ब इस्तीफा दे देना चाहिए।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उ0प्र0 सरकार के मंत्रियों ने प्रदेश को अपनी चारागाह बना लिया है और अपनी निजी तिजोरियां भरने के लिए सभी मान्य एवं वैधानिक परम्पराओं को दरकिनार करते हुए भ्रष्टाचार के नये रिकार्ड स्थापित किये जा रहे हैं। लोकायुक्त द्वारा बसपा सरकार में शामिल कई अन्य मंत्रियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं अपराधिक मामलों में संलिप्तता के चलते पहले भी टिप्पणियां की गयी हैं लेकिन इस सरकार ने बड़ी बेशर्मी के साथ भ्रष्टाचारियों को बचाने का कार्य किया है। उन्होने कहा कि अभी ज्यादा दिन नहीं बीते हैं, जब पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह यादव के खिलाफ तिहरे हत्याकाण्ड के मामले में मृतकों के परिजनों द्वारा एफआईआर दर्ज कराये जाने के बावजूद भी आपराधिक प्रवृत्ति वाले मंत्री का बचाव रखना जारी रखा था।
श्री मदान ने कहा कि बेसिक शिक्षा मंत्री श्री धर्म सिंह सैनी एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री अनीस अहमद उर्फ फूलबाबू के लोकायुक्त की जांच में गंभीर भ्रष्टाचार के दोषी पाये जाने पर भी मुख्यमंत्री द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी। इसके पूर्व श्री बादशाह सिंह, श्री रंगनाथ मिश्र, श्री अवधपाल सिंह यादव सहित कई अन्य मंत्री व विधायक लोकायुक्त की जांच के घेरे में आये, किन्तु मुख्यमंत्री द्वारा आखिरी क्षण तक बचाव किया गया तथा श्री रतनलाल अहिरवार के मामले में भी यही रवैया अपनाया गया है। जबकि जैसे ही लोकायुक्त की जांच में इन मंत्रियों के नाम आये थे, मुख्यमंत्री केा तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए था।
श्री मदान ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मायावती सरकार के तमाम मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा है। अब वह समय आ गया है कि मुख्यमंत्री सुश्री मायावती स्वयं इस्तीफा दें। उन्होने मांग की है कि प्रदेश के जो भी मंत्री व विधायक लोकायुक्त जांच के घेरे में आ चुके हैं, उनके खिलाफ मुख्यमंत्री को सख्त कार्यवाही करनी चाहिए तथा नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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