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डीएससी लिमिटेड ने उत्तर प्रदेष राज्य में एनएच 24 पर लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के 50 किलोमीटर के हिस्से को खोलने की घोषणा की

Posted on 21 October 2011 by admin

l-to-r-bashob-dey-mr-anhad-narula-and-mr-manoj-aggarwal-ceoभारत की तेजी से विकसित होती हुई अग्रणी इन्फ्रास्ट्रक्चर कम्पनी, डीएससी लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश राज्य में एनएच- 24 के लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के 50 किलोमीटर हिस्से (419 किलोमीटर से लेकर 469 किलोमीटर तक) को खोलने की घोषणा की। नेशनल हाईवेज़ आॅथोरिटी आॅफ इण्डिया के द्वारा पुरस्कृत यह 450 करोड़ रू की परियोजना 76 किलोमीटर लम्बा एक्सप्रेसवे है। यह 4 लेन का दोहरा कैरिजवे है जो 413़200 किलोमीटर से लेकर 489़131 किलोमीटर तक फैला है। इसे 20 सालों की कन्सेशन अवधि के साथ बिल्ड-आॅपरेट-ट्रांसफर आधार पर बनाया गया है। इस बीओटी परियोजना के कन्सेशन एग्रीमेन्ट के अनुसार, कन्सेशनेयर मैसर्स लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड (डीएससी लिमिटेड की एक सब्सिडरी) कन्सेशन परियोजना की अवधि के दौरान दो टोल प्लाज़ा पर उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रहण के द्वारा अपने निवेश का अधिग्रहण करेगी। एक घटाये गये उपयोगकर्ता शुल्क को वर्तमान में 50 किलोमीटर के आंशिक हिस्से के लिए वसूला जा रहा है। और पूर्ण उपयोगकर्ता शुल्क को केवल एकबार 76 किलोमीटर के हिस्से के लिए लगाया जायेगा, जब इसे खोल दिया जायेगा। (विवरण के लिए संलग्न सारणी देखें।)

एनएच 24 पहले 2 लेन का एक कोन्फीगरेशन था। औद्योगिक कस्बों और शहरों के काफी विकास कारण तथा हाल ही वर्षों में इन शहरों के इसके साथ जुड़ने के कारण यहां ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गयी थी, जिसके कारण यातायात का आवागमन आसानी से नहीं हो पाता था। मौजूदा स्थिति में सुधार के लिए, डीएससी लिमिटेड को एनएचअआई के द्वारा अनुबंध दिया गया। ताकि एनएच- 24 को लखनऊ और सीतापुर के बीच 2 लेन से 4 लेन में बदल दिया जाये। इसके परिणामस्वरूप जहां इन दोनों शहरों के बीच की दूरी 3 घण्टे में कवर की जा सकती थी, वह अब घट कर आधी हो गयी है। सड़क के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिसके कारण यहां ड्राईविंग में आराम के साथ साथ ईंधन की बचत भी होती है और वाहनों को अधिक नुकसान भी नहीं पहुंचता है। परियोजना की शुरूआत सीतापुर से होती है, यह सिधोउली, बक्शी-का-तालाब से होती हुई लखनऊ में फैज़ाबाद बाईपास के आरओबी पर जाकर खत्म होती है। इस परियोजना में 92 सरंचना का विनिर्माण किया गया है जिसमें 1 बड़ा पुल और 4 छोटे पुलों के साथ 5 वाहन अन्डरपास बनाये गये हैं। एक्सप्रेसवे में 2 टोल प्लाज़ा हैं जो खैराबाद में 420़770 किलोमीटर पर और इटाउन्जा में 467़750 किलोमीटर पर हैं। दोनों टोल प्लाज़ा को सर्वश्रेष्ठ तकनीक के साथ बनाया गया है, साथ ही आधुनिक डिज़ाईन का भी ध्यान रखा गया है। टोल प्लाज़ा में हरित क्षेत्र उपलब्ध कराया गया है और इसे बनाने में पर्यावरण के लिए मित्रतापूर्ण सामग्री का उपयोग किया गया है।

डीएससी लिमिटेड के निदेशक, आनहद नरूला ने कहा, ‘‘डीएससी लिमिटेड में, हमारा हमेशा से यह प्रयास रहता है कि हम भारत में विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं का निर्माण करें। लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे देश के सड़क नेटवर्क में बहुत ही महत्वपूर्ण लिंक है क्योंकि यह एनएच- 24 पर स्थित है। एनएच- 24 उत्त्तरप्रदेश राज्य में एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट कोरिडोर है। यहां से काफी अधिक मात्रा में यातायात का आवागमन होता है। क्षेत्र के आर्थिक विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। एक कम्पनी के रूप में हमें खुशी है कि हम उत्तर प्रदेश राज्य में हैं और राज्य की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। हमें विश्वास है कि एक्सप्रेसवे की सड़क का डिज़ाईन, इसमें प्रयुक्त आधुनिक तकनीक, विश्व स्तरीय सुरक्षा के मानक और टोलिंग की तकनीक यहां से आने जाने वालों को ड्राईविंग का एक सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव प्रदान करेगी।’’

इस अवसर पर बोलते हुए, डीएससी लिमिटेड के सीईओ-हाईवे ;व्-डद्ध, मनोज अग्रवाल ने कहा, ‘‘4 लेन के एक्सप्रेसवे के खुल जाने से लखनऊ और सीतापुर के बीच आने जाने वालों के लिए आराम बढ़ जायेगा। इससे एनएच- 24 पर यातायात की स्थिति में काफी सुधार होगा, जो इस वजह से अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच सकेगा। यह न केवल यातायात के प्रवाह में सुधार लायेगा बल्कि यात्रा के समय में काफी कमी लायेगा। इससे ईंधन की बचत के साथ साथ वाहनों के रखरखाव में आने वाली लागत भी कम हो जायेगी। इसे बनाने में सुरक्षा के सभी मानकों का ध्यान रखा गया है जिससे यहां की यात्रा अधिक सुरक्षित एवं आरामदायक होगी।’’

लखनऊ और सीतापुर के बीच दैनिक यात्रियों को अत्यधिक लाभ पहुंचाने के अलावा, एक्सप्रेसवे, राज्य की राजधानी, लखनऊ को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ जोड़ता है। इसे औद्योगिक कस्बों और शहरों जैसे सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और गाज़ियाबाद से भी जोड़ता है। एक्सप्रेसवे छभ्.1ए छभ्.25ए छभ्.58 छभ्.74 और छभ्.87 को भी आपस में जोड़ता है। इस संयोजन के कारण क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेज़ी आयेगी और लखनऊ और सीतापुर के क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आस पास के गांवों का भी विकास होगा। 4 लेन की इस संरचना के साथ कई शैक्षणिक संस्थान और महाविद्यालय भी हाल ही में खोले गये हैं। इस एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में रीयल एस्टेट का भी काफी विकास हुआ है।

डीएससी लिमिटेड के बारे में
डीएससी लिमिटेड भारत की तेजी से विकसित होती हुई इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपर्स में एक है। यह सड़क, एक्सप्रेसवे, रेलवे, शहरी बुनियादी सुविधाएं, पावर और रीयल एस्टेट के क्षेत्रों में अपनी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इसने 9 साल की छोटी सी अवधि में अपने लिए अग्रणी स्थिति बनायी है। डीएससी लिमिटेड न केवल चुने हुए स्थानों में परियोजनाओं का निर्माण करती है बल्कि उन नियोजकों, डिज़ाईनरों, वित्तीय सेवा प्रदाताओं और विनिर्माणकर्ताओं को भी अपनी इस सेवाओं में शामिल करती है जो बड़े पैमाने पर विश्व स्तरीय परियोजनाओं का संचालन एवं रखरखाव करते हैं। डीएससी लिमिटेड, डीएससी ग्रुप का एक हिस्सा है, जो चार महाद्वीपों में अपना अन्तरराष्ट्रीय व्यापार करती है। एक सफल ट्रैक रिकार्ड के साथ, छह दशक पहले अपनी शुरूआत से लेकर ग्रुप ने दुनिया भर में होस्पिटेलिटी, व्यापार, रीयल एस्टेट और रीटेलिंग केे क्षेत्रों में अपनी विनिर्माण सेवाएं उपलब्ध करायी हैं। अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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