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प्रदेश में हजारो लाखों रूपए के टिकट लेकर रेस देखने वालों के लिए पंचतारा सुविधाएं जुटाने का क्या अर्थ है?

Posted on 20 October 2011 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने एक वक्तव्य में कहा है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने दौलतमंदो के मनोरंजन फार्मूला वन रेस के लिए किसानों की जमीन छीनी, अपने चहेते जे0पी0 समूह को इस खेल का स्वामित्व सौंपकर उन्हें मनोरंजन कर, सेल्स टैक्स, वैट, लक्जरी टैक्स, ट्रेड टैक्स आदि से लम्बी छूट दे दी  है। प्रदेश की गरीब जनता के साथ इससे बड़ा क्रूर मजाक और क्या होगा? मुख्यमंत्री की यह परम उदारता जांच का विशय है कि जेपी समूह को सरकारी खजाने के नुकसान के बावजूद इतनी छूट क्यों दी जा रही है? सीबीआई को इस बात की जांच करनी चाहिए कि जेपी समूह में मुख्यमंत्री की कैसी और कितनी साझेदारी है? उनका कितना धन इस समूह में और दूसरे व्यापारिक समूहों में लगा हुआ है?
जिस प्रदेश में न तो स्वास्थ्य सफाई की व्यवस्था है, न स्कूल कालेजों की पर्याप्त संख्या है, नहीं किसानों को अपनी फसल का लागत मूल्य भी मिल पा रहा है, उस प्रदेश  में हजारो लाखों रूपए के टिकट लेकर रेस देखने वालों के लिए पंचतारा सुविधाएं जुटाने का क्या अर्थ है? प्रदेश में मंहगाई और तंगहाली से परेशान हजारों लोग आत्महत्या करने को मजबूर हुए हैं। बाढ़-सूखा से बर्बाद लोगों की जिन्दगी अब तक पटरी पर नहीं आ पाई है। लेकिन प्रदेश की बसपा सरकार को दौलत मंदों के विलास में और वृद्धि करने का शौक पैदा हो गया है।
बिजली-पानी-खाद की किल्लत झेल रहे उत्तर प्रदेश में फार्मूला वन रेस के लिए बुद्ध इन्टरनेशनल सर्किट के विकास तथा अन्य सुख सुविधाओं पर 20 अरब रूपए खर्च हो रहे है। इस रेस का प्रायोजक जेपी उद्योग समूह है। फार्मूला वन रेस की सर्किट के लिए 875 एकड़ जमीन अधिग्रहीत  की गई है। इस प्रायोजक कम्पनी को 150 करोड़ रू0 की आय टिकटों से होने की आशा है। इसके बावजूद जेपी समूह को तमाम टैक्सों में छूट दी जा रही है। इससे प्रदेश के खजाने को जो क्षति हो रही है उसकी भरपाई का कोई ख्याल नहीं है।
मुख्यमंत्री का दौलतमंदों के साथ रिश्ते बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। अपने शासनकाल में उन्होने जेपी समूह और पोंटी चड्ढा समूह को सबसे ज्यादा फायदा पहुॅचाया है। चीनी मिलों की बिक्री का मामला हो या एक्सप्रेस वे में किसानोें से छीनकर जमीन इनको बांटने का या आबकारी में सुविधाएं देने का, हमेशा इनके ही पक्ष में शासनादेश जारी कराए गए है। बदले में वे हजारों करोड़ के नोटों की माला पहनती हैं। प्रदेश के विकास की बलि देकर खेल तमाशें और धनपतियों के मनोरंजन पर जनता की गाढ़ी कमाई लुटाकर मुख्यमंत्री जन विरोधी कदम उठा रही हैं। सत्ता बदलते ही उन्हें इसकी जवाबदेही देनी होगी। समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही बसपा सरकार द्वारा जनधन के लूट के मामलों में सख्त कार्यवाही की जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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