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उत्तर प्रदेश सरकार ने किसी भी कम्पनी को पृथक रूप से कोई विशेष छूट अथवा सुविधा प्रदान नहीं की

Posted on 19 October 2011 by admin

22 मई, 2009 की सामान्य नीति के अन्तर्गत  समस्त वृहद/मध्यम विकास योजनाओं के लिए  पात्रता के आधार पर छूट दी जाती है

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने ग्रेटर नोएडा में फार्मूला-1 कार रेसिंग प्रतियोगिता के आयोजकों को किसी भी प्रकार की कोई छूट दिए जाने सम्बन्धी मीडिया में आयी खबरों का जोरदार खण्डन किया है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसी भी कम्पनी को पृथक रूप से कोई भी विशेष छूट अथवा सुविधा प्रदान नहीं की है।
प्रवक्ता का कहना है कि वर्तमान प्रदेश सरकार की इस सम्बन्ध में सर्वथा पारदर्शी नीति रही है। सरकार ने कभी भी किसी कम्पनी को  कोई विशेष लाभ, छूट अथवा सुविधा नहीं दी है।
प्रवक्ता ने इस बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा विशेष आर्थिक परिक्षेत्र (स्पेशल इकोनाॅमिक जोन) को विकसित करने की 2005 की नीति के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के करों, शुल्कों और लेवीज़ आदि में छूट प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम में वर्ष 2009 में विश्व स्तरीय आर्थिक मंदी के मद्देनजर विभिन्न प्रकार की औद्योगिक एवं अवस्थापना परियोजनाओं के लिए इन्सेन्टिव सुविधाओं का पैकेज घोषित किया गया। भारत सरकार द्वारा यह नीति आर्थिक मंदी के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं को इन्सेन्टिव उपलब्ध कराने, उनकी वायबिलिटी में सुधार करने तथा औद्योगिक गतिविधियों का विकास करने के लिए घोषित की गयी थी।
प्रवक्ता ने कहा कि इसी नीति को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिनांक 22 मई, 2009 को आर्थिक मन्दी के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश के समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरणों तथा समस्त शहरी विकास प्राधिकरणों की वृहद व मध्यम स्तर की विकास परियोजनाओं के लिये करों, शुल्कों, लेवीज आदि में छूट या सुविधाओं के संबंध में नीति का निर्धारण किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस नीति के अन्तर्गत सुविधायें प्राप्त करने हेतु लाभार्थी इकाइयों को विकास परियोजनाओं हेतु आवंटित क्षेत्र में न्यूनतम 02 करोड़ रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से निवेश सुनिश्चित करना था। वृहद स्तर की परियोजनाओं में भूमि का आकार 500 हेक्टेयर या उससे अधिक तथा मध्यम वर्ग की विकास योजनाओं का आकार 100 हेक्टेयर से 500 हेक्टेयर के बीच निर्धारित किया गया है। इस नीति के अन्तर्गत मुख्य आर्थिक गतिविधियों-औद्योगिक, सूचना प्रोद्योगिकी, बायोटेक, खेल, रिक्रियेशन, सेवा उद्योग को कोर गतिविधियां घोषित किया गया। इसके तहत आवंटियों को विभिन्न प्रकार की ड्यूटी, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स आदि के लिये छूट प्रदान की गयी है।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि फार्मूला वन अथवा मेसर्स जे0पी0 ग्रुप या किसी भी अन्य कम्पनी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पृथक रूप से कोई विशेष सुविधा अथवा छूट नहीं दी गयी है। विभिन्न प्रकार की इकाइयों को प्रदेश सरकार की 22 मई 2009 की सामान्य नीति के अन्तर्गत समस्त वृहद/मध्यम विकास योजनाओं के लिये पात्रता के आधार पर ही कतिपय सुविधायें उपलब्ध करायी जाती हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक यह समस्त तथ्य उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये जायंेगे, जिससे कि स्थिति स्पष्ट हो सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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