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गरीबी और मंहगाई से त्रस्त प्रदेशवासियों की चिन्ता नहीं

Posted on 15 October 2011 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि गौतमबुद्धनगर में आज मुख्यमंत्री ने कथित 16 परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह से जता दिया है कि उन्हें भूख, बीमारी, गरीबी और मंहगाई से त्रस्त प्रदेशवासियों की चिन्ता नहीं, अपने वैभव प्रदर्शन का ज्यादा ख्याल रहता है। प्रदेश में बिजली संकट गहरा रहा ह।ैं किसान कर्ज में डूबा हुआ है। मगर मुख्यमंत्री ने दलित प्रेरणा स्थल के नाम पर मान्यवर के साथ अपनी प्रतिमाएं लगवाई हैं और हद तो यह कि अपने साथ अपनी माता जी- पिता जी की भी प्रतिमा स्थपित कराने से नहीं चूकी हैं। प्रेरणास्थल में 22 हाथियों की भव्य प्रतिमाएं लगी है जो ग्रेनाइट पत्थर की है। मुख्य भवन के दोनों ओर स्वागत मुद्रा में 20 हाथी लगे है। इस सब पर भी सैकड़ों करोड़ रूपये का अपव्यय सरकारी खजाने की लूट है।
मुख्यमंत्री ने अपने जिन्दा रहते अपनी प्रतिमाएं लगाकर अलोकतांत्रिक काम किया है। अब उनका यह कुतर्क है कि मान्यवर की वसीयत के आधार पर उनकी उत्तराधिकारी होने के नाते प्रतिमाएं लगाई गई है। उनकी वसीयत किसी राजा की वसीयत नहीं थी कि उस पर सरकारी खजाना खर्च होता। उनकी बात रखनी थी तो कहीं जमीन खरीदकर निजी संग्रहालय बनाकर मूर्तियां लगवाई जाती। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री को सरकार, संगठन और निजी इच्छाओं की लक्ष्मण रेखाओं की जानकारी नहीं है। वे प्रदेश को अपनी जागीर समझकर सामंती व्यवहार कर रही है।
कथित “दलित की बेटी“ मानसिक रूप से भयग्रस्त है तभी वे हर जगह अपनी सुरक्षा का तामझाम बढ़ाती जाती हंै।  वे अपनी प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए भी चिंतित है और इसके लिए उन्होने सरकारी खर्चे पर सुरक्षा वाहिनी बना रखी है।
मुख्यमंत्री जनता की गाढ़ी कमाई लुटाने में और अपने वैभव प्रदर्शन में पुराने नवाबों और राजे-महाराजाओं को भी मात कर रही हंै। लखनऊ, दिल्ली और बादलपुर में उनके शाही महल बनकर खड़े हुए हैं। उनकी नामी बेनामी संपत्ति के तमाम मामलों की जांच समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर की जाएगी और भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति जब्त की जाएगी। राजकोष को अपने निजी हितों के लिए प्रयोग करने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने संगठन और सरकार का भेद मिटा दिया है। उनके रहते प्रदेश की प्रगति अवरूद्ध रहेगी और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव महज मजाक बनकर रह जाएगें। लोकतंत्र में ऐसी राजशाही नहीं चलेगी। जनता स्वयं इसे उखाड़ने फेंकने को तैयार बैठी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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