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सपा नेता के “सीमेंट कारपोरेशन की जमीन को औने-पौने में बेचने की तैयारी” से संबंधी बयान पूर्णतः असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे

Posted on 28 August 2011 by admin

  • सीमेंट निगम की सम्पत्तियों के विक्रय की कार्यवाही पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में की गयी
  • उ0प्र0 राज्य सीमेंट निगम की परिसम्पत्तियों के विक्रय की समस्त कार्यवाही उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के पारित आदेशों के क्रम में
  • वर्तमान समय में निगम की किसी भी सम्पत्ति के विक्रय का कोई प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं

बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी के नेता श्री राजेन्द्र चैधरी के, “सीमेंट कारपोरेशन की जमीन को औने-पौने में बेचने की तैयारी” से संबंधित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सपा नेता का यह बयान पूर्णतः असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे है। प्रवक्ता ने कहा कि विधान सभा चुनाव की आहट के चलते सपा प्रदेश में अपना जनाधार बनाने के लिए बेचैन है और इसी बेचैनी के चलते सपा के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चैधरी ने इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि सपा नेता उल्टे चोर कोतवाल को डाटे वाली कहावत चऱितार्थ कर रहे हैं, क्योंकि सपा के शासनकाल की पहचान ही भ्रष्टाचार और जंगलराज के रूप में रही है। प्रवक्ता ने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि सीमेंट निगम की सम्पत्तियों के विक्रय की कार्यवाही पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2006 में ही की गयी थी।
प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सीमेंट निगम की परिसम्पत्तियों के विक्रय की समस्त कार्यवाही उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के पारित आदेशों के क्रम में की गयी है और वर्तमान समय में निगम की किसी भी सम्पत्ति के विक्रय का कोई प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सीमेंट निगम की तीन इकाइयाॅ चुर्क व डाला (जनपद सोनभद्र) एवं चुनार (मिर्जापुर) में स्थापित थी। यह कम्पनी औद्योगिक एवं वित्तीय पुर्ननिर्माण बोर्ड (बीआईएफआर) की संस्तुति पर उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने दिनांक 08 दिसम्बर, 1999 को आदेश पारित कर कम्पनी को परिसमापित किये जाने के निर्देश दिये एवं शासकीय समापक इलाहाबाद कोे इसका समापक नियुक्त किया। प्रवक्ता ने कहा कि इस कम्पनी के प्रकरण में दिनांक 30 जनवरी, 2006 की सुनवाई में उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने आदेश पारित कर कम्पनी की परिसम्पत्तियों का विक्रय जे0पी0 एसोसिएट्स लि0 को किया। उच्च न्यायालय ने जे0पी0 एसोसिएट्स की 459 करोड़ रुपये की बोली को सबसे अधिक पाया था।
प्रवक्ता ने सोनभद्र में सीमेंट कारपोरेशन की सम्पत्ति रही मिलों की 1083 हेक्टेयर जमीन एक औद्योगिक घराने को बेचने की तैयारी करने के संबंध में लगाये गये सपा के आरोपों का भी खण्डन किया और कहा कि यू0पी0सी0सी0एल0 के विक्रय के फलस्वरूप कुल भूमि 3866.836 हेक्टेयर पर पूर्व में स्वीकृत खनन पट्टों में से गैर वनभूमि 2467.253 हेक्टेयर के सापेक्ष 2402.425 हेक्टेयर भूमि पर खनन पट्टे का नवीनीकरण किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि शेष वन भूमि से आच्छादित 1399.583 हेक्टेयर भूमि पर पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह इस जमीन को आरक्षित वन श्रेणी से न तो बाहर बताने की कोई चाल चली जा रही है और न ही इस भूमि की किसी तरह की कोई अवैध बिक्री की जा रही है।
बी0एस0पी0 प्रवक्ता ने कहा कि जनता को सपा के शासनकाल में व्याप्त भ्रष्टाचार और गुण्डागर्दी आज तक याद है। बी0एस0पी0 की सरकार पर इस तरह के अनर्गल आरोप लगाने के पूर्व सपा के नेताओं को अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए और सीमेंट कारपोरेशन की परिसम्पत्तियों के संबंध में वास्तविक तथ्यों की भली-भॅाति जानकारी कर लेनी चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि सपा के नेता प्रदेश की जनता को बरगलाने की चाहे जितनी कोशिश कर लें, जनता उनके जाल में फसने वाली नहीं है, क्योंकि जनसामान्य सपा की करतूतों से भली-भाॅति वाकिफ है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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