नौकरशाही व्यवस्था से सरकार बनी अपंग

Posted on 03 July 2011 by admin

सामन्तवादी विचार धाराआंे से निजात पाने के लिये प्रदेश की जनता ने जिस बसपा सरकार को सिर आखों पर विठाया आज वही जनता नौकरशाही व्यवस्था से त्रस्त अपने बुरे दिन पर आसूं बहा रही है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है, प्रदेश की बसपा सरकार चाहे जितने लोकलुभावने कल्याणकारी योजनायंे लागू कर द,े परन्तु सरकार की नौकरशाही व्यवस्था प्रदेश को अपंग बना दिया है। कटघरे में खड़ी माया सरकार में कोई ऐसे तहसील व थाना दिवस नही है जहाॅ फरियादियांे की लम्बी कतारंे न लगती हों परन्तु समस्याओं का समाधान धरातल पर कितना होता है यह तथ्य किसी से छिपा नही है। माया सरकार के बेलगाम अफसर की कार्यगुजारियांे के चलते सुप्रिम कोर्ट ने ग्रेटर नोयडा भूमि अधिग्रहण सम्बन्धित विषयों पर छीछा लेदर कर दी।  इन दिनों देश के चैथे स्तम्भ से लेकर गरीब, ग्रामीण जनता तक सभी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे है। बेलगाम अधिकारी राजनैतिक महत्वाकांक्षा, सफेद पोषाक नेताओ के चलते नियम कानून को ताख पर रख कर एक सूत्रीय कार्यक्रम  धन उगाही का चला रहे हैं। जिसकी आॅड़ में उन्हंे प्रतिदिन लाखों रूपये की आमदनी हो रही हैे। भ्रष्टाचार के मकड़जाल में स्वास्थ्य विभाग, परिवन विभाग, विपणन विभाग,आबकारी विभाग, समाज कल्याण विभाग कृषि विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, नगर पालिका, वन विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, मुख्य रूप से विकास विभाग आदि विभागों मे लूट खसोट का धन्धा फलीभूत हो रहा है, जहां अपात्र व्यक्ति उक्त योजनाओं का लाभ छद्दम नीति अपना कर लाभ उठाने मे कामयाब हो रहे हैं, वहीं पात्र व्यक्तियांे को  सरकारी योजनाएं दूर की कौड़ी सावित हो रही हंै। चुनाव सन्निकट देख सम्बन्धित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नियम कानून को ताख पर रख कर एक सूत्रीय कार्यक्रम के तहत सुविधा शुल्क की हेरा फेरी में लगे रहते हैं। विधवा पेशंन,बृद्वा पंेशन, भ्ूामि आवटंन, दाखिल खारिज, वरासत, आदि में दलालो के माध्यम से जो धन उगाही की जा रही है वह किसी राजनैतिक व विभागीय अधिकारी से छिपी नही हंै। जनता का हो रहा शोषण पर सभी चुप्पी साध अपनी राजनैतिक रोटियाॅ सेकने में मशगूल हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

March 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
-->









 Type in