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कृषि विभाग में सब्सिडी पर कमीशनखोरी का नया हथकण्डा

Posted on 05 April 2011 by admin

जनपद में अन्य विभागों और बैंकों की तर्ज पर रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी के जरिये धन उगाही का नया हथकण्डा जिले में कृषि विभाग द्वारा अपनाकर भ्रष्टाचार का स्वर्ण कीर्तिमान स्थापित कर दिया गया है। वर्तमान परिवेश में भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में जनसेवकों के नग्न भ्रष्टाचार के ताण्डव ने साबित कर दिया है कि देश-प्रदेश मंे कोई नैतिक, वैधानिक सरकार का अस्तित्व नहीं रह गया। वर्तमान की भ्रष्टाचार पोषक सरकारें अपनी अकुशलता और अपरिपक्वता के कारण सामंतवादी व्यवस्था लागू किये हैं। जिसके चलते देश की जनता और राष्ट्र का धन मुट्ठीभर जनसेवक, कर्मचारियों के द्वारा सांठ-गांठ कर बांट लिया जाता है। सवा अरब की आबादी वाले भारत देश में 20 प्रतिशत कर्मचारी एवं सरकार व्यवस्था सभी निरंकुश हो गये हैं। आवश्यकता से अधिक उच्च मानक से ज्यादा वेतन जारी करने के बाद भी इन भिक्षुकों का कटोरा नहीं भर रहा है। जिसका परिणाम है कि अकर्मण्यता, अनैतिकता के आधार पर धन लूट का एक सूत्रीय कार्यक्रम देश में सरकार और कर्मचारियों द्वारा बेरोक-टोक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में लोगों को रोटी उपलब्ध कराने वाले किसानों का दोहन अब खुली हवा में निर्भीकता से किया जाने लगा है।

जानकारी के मुताबिक किसानी के लिए उपयोग होने वाले उपकरण, मशीनों की खरीददारी पर अब सब्सिडी (छूट) विक्रेता एवं वितरक ही देने लगा है। वह भी कृषि विभाग के तथाकथित साहबों का 30 प्रतिशत नकद काटकर। बताया गया है कि यदि कोई किसान बोरिंग पम्प सेट, इंजन आदि जिस कम्पनी का खरीदता है तो किसान यंत्रों पर छूट का लेटर अब कृषि विभाग सीधे नहीं देता। क्रेता किसान जिस कम्पनी का यंत्र या उपकरण खरीदता है, उसी कम्पनी के वितरक के यहां खतौनी आदि कागजात देकर छूट पाने के लिए कृषि विभाग के साहबों का नकद सुविधा शुल्क 30 प्रतिशत लेकर ही छूट दी जाती है। यह सुविधा शुल्क दुकानदारों, वितरकों द्वारा साहबों को उनके निवास पर पहुंचा दिया जाता है, जो रिश्वतखोरी का नायाब हथकण्डा है। यहीं तक नहीं बैंकों से किसानों को जारी किये जाने वाले क्रेडिट कार्ड जैसे गारण्टी कार्ड के लिए उसकी कीमत के अनुसार 8 से 10 प्रतिशत सुविधा शुल्क लेकर ही जारी किया जाता है। यह है 21वीं सदी का नया भारत, जिसकी पहचान दुनिया में भ्रष्टाचार में अग्रणी की सूची में चैथे नम्बर है। यह है आदर्श, नैतिक भारत का वास्तविक चेहरा। इसी भद्दे, घिनौने चेहरे पर सत्ता, संसद, सरकार और जनसेवी कर्मियांे को नाज है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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