विद्युत विभाग ने बारह लाख के बकायेदार राजकीय इण्टर कालेज का कनेक्शन काटा

Posted on 26 March 2011 by admin

•    परीक्षोपरान्त कापियों का कलेक्शन अन्धेरे में

विद्युत विभाग की डिक्टेटरिशप के चलते बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका का एक मात्र संकलन केन्द्र  राजकीय इण्टर कालेज अन्धेरे में डूब गया और कालेज की विद्युत लाइन काट दी गई। कारण कालेज विद्युत विभाग का 12 लाख का बकायेदार है।

बताते चलें जिले में हाईस्कूल व इण्टर कालेज की बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन परीक्षोपरान्त राजकीय इण्टर कालेज में होता है। जहॉ पर लगभग 60 से 65 किमी0 तक के विद्यालयों की उत्तर पुस्तिकायें रात्रि के 09 बजे तक आती हैं ऐसे में विजली न रहने से कार्य बाधित हो रहा हैं। राजकीय इण्टर कालेज के प्राचार्य उमेश चन्द्र शुक्ला सक इस बाबत जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज तक कभी भी विजली का बिल नहीं भेजा गयां ऐस्ी दशा में बिजली के बिल का भुगतान नहीं हो पाया परन्तु आज जब उत्तर प्रदेश के  सबसे बड़े बोर्ड की परीक्षा हो रही है तो क्या अभी ही विद्युत कनेक्शन काटना था र्षोर्षो श्री शुक्ला ने बताया कि विद्यालय 50 हजार रू0 पार्ट टाइम जमा भी कर रहा है तब भी विद्युत अभियन्ता प्रभात कुमार मोगा  ने नहीं जमा किया। श्री मोगा किसी भी हालत में पचास प्रतिशत घनरािश से कम नहीं जमा करने की बात कर रहे हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि विद्युत कनेक्शन  कटने के कारण कार्य बाधित हाने की बात जिलाधिकारी  से कर दी गई है। इस बारे में जब जिला विद्यालय निरीक्षक सी एल चौरसिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एस डी एम से कहा गया है शीघ्र की कनेक्शन जुड़ जायेगा। विद्युत विभाग के आलाधिकारी की दबंगई व मनमानी कार्यशैली इस बात से चलती है कि जब किसी का विद्युत बिल का भ्रगतान दस कजार भी बाकी रहता है तो विभाग उसे आर सी जारी कर देता है तो उक्त विद्यालय के उपर जब 12 लाख का बकाया था तो आज तक विद्यालय को आर सी क्यों नहीं जारी किया गया तो आज जब परीक्षा चल रही तो कनेक्शन काटने का क्या प्रयोजन र्षोर्षो इस बारे में जब अधिशाशी अभियन्ता से बात करने की कोिशश दूरभाश से की गई तो सम्बन्ध स्थापित नहीं हो सका।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

July 2026
M T W T F S S
« Sep    
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
-->









 Type in