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आज आ सकते हैं अçालेश, सपाईयों ने बनाई रणनीति, प्रशासन अलर्ट

Posted on 10 March 2011 by admin

बसपा सरकार के çालाफ तीन दिन चली सपा की जंग अाी ात्म नहीं हुई है। सपा के 1भ्0 से अधिक कार्यकर्ता अाी जेल में निरूद्ध हैं। इनसे मिलने के लिए आज सपा के प्रदेशाध्यक्ष अçालेश यादव आगरा आ सकते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन के ाी गुरूवार की शाम अलीगढ से आगरा आने की उमीद थी। वहीं पूर्व मन्त्री अरिदमन सिंह, वरिष्ठ नेता जितेन्द्र सिंह चौहान, प्रदेश सचिव रामसकल गुर्जर आदि जेल में बन्द सपाइयों को रिहा कराने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। मामले को लेकर सपा नेता डीएम से मिल सकते हैं या फिर आज से तहसील पर आन्दोलन का निर्णय लिया जा सकता है। सपा नेता कोशिश में हैं कि जेल में बन्द सपाइयों के बिना शर्त रिहाई हो। यदि आज अçालेश यादव आये तो सपाई फिर जोश दिाा सकते हैं और पुलिस के लिए मुश्किल ाडी हो सकती हैं।

सपा के तीन दिन के आन्दोलन पर यदि दृष्टि डालें तो सपाई बिना सेनापति के मैदान में जंग लडते नज़र आये। सपा कार्यकर्ताओं ने आन्दोलन से पूर्व रथयात्रा शुरू कर जनजागरण करने की कोशिश की। इसके दूसरे दिन पर्यवेक्षक सुाराम की आगवानी के इन्तजार में ाडे रथयात्रा के धुरन्धर गिरतार कर लिये गये। आन्दोलन के पहले दिन 99 लोगों को गिरतार कर लिया गया। दूसरे दिन करीब 36 लोग गिरतार हुये। आçारी दिन सैंकडों लोगों ने गिरतारिया¡ दीं और आçार में शाम को उन्हें रिहा कर दिया। दरअसल आन्दोलन से पूर्व सपा की न तो कोई बडी साा हुई और न बैठकों का दौर चला। यदि आन्दोलन से पहले साी नेता एक मंच पर आकर प्लानिंग करते तो आन्दोलन से पहले साी नेता एक मंच पर आकर प्लानिंग करते तो आन्दोलन का रूप ही दूसरा होता। जिले में हजारों की संया में सपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता हैं। साी जुटते तो आगरा की जेलें छोटी पड जातीं। पुलिस ने सपाइयों की çढलाई को इतनी चतुराई से इस्तेमाल किया कि उन्हें एकजुट नहीं होने दिया। यही कारण रहा कि आन्दोलन की सफलता की जो उमीद की जा रही थी, वह पूरी नहीं हुई। पुलिस चक्रव्यूह में फंसे सपाई ाुलकर हल्ला नहीं बोल पाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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