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खेल विभाग का मुख्य उद्देश्य अच्छे खिलाड़ी पैदा करना

Posted on 10 January 2011 by admin

निर्माण कायोंZ में कोताही पाये जाने पर सख्त कार्यवाही होगी

खेल विभाग का मुख्य उद्देश्य अच्छे खिलाड़ी पैदा करना है जो राश्ट्रीय एवं अन्तर्राश्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रौशन कर सकें।

यह बात प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री अयोध्या प्रसाद पाल ने आज यहां खेल निदेशालय सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कही। उन्होंने कहा कि अभी तक जो भी रिपोर्टें मिल रहीं है वह अच्छी नहीं हैं। प्रिशक्षण िशविर दोनों समय सुबह व शाम नियमित रूप से चलना चाहिए। जब प्रिशक्षण िशविर ही नहीं चलेंगे तो विभाग का क्या औचित्य है।

श्री पाल ने स्पश्ट तौर पर कहा कि खेल स्टेडियमों में हर माह कुछ न कुछ खेल प्रतियोगितायें होती रहनी चाहिए। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे प्रिशक्षण िशविरों पर पूरी निगाह रखें। वे स्वयं कभी भी किसी भी जिले में जाकर खेल-कूद गतिविधियों का जयजा ले सकते हैं।

श्री पाल ने समीक्षा बैठक में मौजूद सभी खेल अधिकारियों से उनके जिले के स्टेडियम निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि निर्माण कार्याेंं की गुणवत्ता में कोई कमी पायी जाती है, तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी। इसलिए बेहतर होगा कि आगामी माह की समीक्षा बैठक में सम्बंधित प्रोजेक्ट मैंनेजर की भी उपस्थिति सुनििश्चत करायें।

खेल राज्य मन्त्री ने चालू एवं आगामी फरवरी माह में विभिन्न खेल-कूद प्रतियोगिताओं के 12 दिवसीय प्रिशक्षण िशविर लगाने के निर्देश दिये।

बैठक में प्रमुख सचिव कुमार अरविन्द सिंह देव, निदेशक डा0 हरिओम, उप निदेशक अनिल कुमार बनौधा, जिला/क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आदि मौजूद थेे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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