Categorized | लखनऊ.

तिलहनी फसलों में माहू का प्रकोप होने पर तुरन्त उपचार करें फसल सतर्कता समूह की बैठक 15 दिसम्बर को

Posted on 13 December 2010 by admin

तिलहनी फसलों में माहू के प्रकोप होने पर तुरन्त डायमिथोएट 30 ई0सी0 एक लीटर या इन्डोसल्फान 35 ई0सी0 1.25 कि0ग्रा0 प्रति हे0 अथवा जीरम 80 प्रतिशत 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से छिड़काव किया जाना चाहिये।

किसानों को फसलों से सम्बंधित वैज्ञानिक सलाह देने के लिये फसल सतर्कता समूह की बैठक आगामी 15 दिसम्बर को उ0प्र0 कृषि अनुसंधान परिषद, (उपकार) किसान मण्डी भवन, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित की जायेगी।

फसल सतर्कता समूह के कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार पिछला सप्ताह झुलसा रोग के लिए अनुकूल रहा है। इसलिये पत्तियों पर गहरे कत्थई रंग के धब्बे बन रहे हों तो मैकोजेव 75 प्रतिशत 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 अथवा जीरम 80 प्रतिशत 2 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से छिड़काव करें।

तिलहनी फसलों में समय से बोई गयी सरसों में बिरलीकरण अवश्य करें तथा बुआई के 35 से 40 दिन बाद हल्की सिंचाई करें। पौधों के समुचित विकास एवं अधिक शाखाओं के लिये शीर्ष भाग की खोटाई अवश्यक करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.

Advertise Here

Advertise Here

 

October 2026
M T W T F S S
« Sep    
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in