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नेपाल के प्रधानमन्त्री से मिले शिक्षाविद् डा. जगदीश गांधी

Posted on 07 November 2010 by admin

शिक्षा में क्वालिटी विचारधारा के प्रणेता व सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक डा. जगदीश गांधी काठमाण्डू में आयोजित `इण्टरनेशनल कन्वेन्शन ऑन स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सिर्कल´ के अवसर पर नेपाल के प्रधानमन्त्री श्री माधव कुमार नेपाल से मिले और सी.एम.एस. की ओर से `क्वालिटी पायनियर अवार्ड´ प्रदान कर सम्मानित किया। यह जानकारी सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने दी है। श्री शर्मा ने बताया कि नेपाल के प्रधानमन्त्री को `इण्टरनेशनल कन्वेन्शन ऑन स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सिर्कल´ के मुख्य अतिथि थे जबकि डा. गांधी ने बतौर मुख्य वक्ता इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग किया। यह अन्तर्राष्ट्रीय क्वालिटी सम्मेलन वल्र्ड काउिन्सल आफ टोटल क्वालिटी एण्ड एक्सीलेन्स इन एजुकेशन (डब्ल्यू.सी.टी.क्यू.ई.ई.) के तत्वावधान में क्वेस्ट, नेपाल द्वारा काठमाण्डू में आयोजित किया गया जिसमें विश्व के 63 प्रतििष्ठत विद्यालयों के लगभग 202 अन्र्तराष्ट्रीय व 485 राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नेपाल के प्रधानमन्त्री श्री माधव कुमार नेपाल ने सी.एम.एस. की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ज्ञान और विश्वव्यापी सोच से ही आज का नवयुवक आने वाली समस्याओं व चुनौतियों का सामना कर सकता है। उन्होंने विश्व के 2.6 करोड़ बच्चों एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य हेतु सी.एम.एस. के `शान्ति शिक्षा अभियान´ की सराहना की।

श्री शर्मा ने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डा. जगदीश गांधी ने कहा कि भावी पीढ़ी को `टोटल क्वालिटी पर्सन´ वर्तमान समय की मांग है और इसके लिए आधुनिक स्कूलों को अपनी शिक्षा पद्धति में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए उसमें भौतिक, सामाजिक, नैतिक, चारित्रिक व आध्याित्मक शिक्षा का समावेश करना होगा। अपने कीनोट एडेªेस में सी.एम.एस. शिक्षा पद्धति पर प्रकाश डालते हुए डा. गांधी ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चा अच्छा और गुणवान बने। एक आधुनिक विद्यालय का सामाजिक उत्तरदायित्व है कि छात्रों को कानूनपरस्त और न्यायप्रिय बनायें, तभी हम इस प्यारी धरती पर आध्याित्मक सभ्यता स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हम सभी विश्ववासियों को मिलजुलकर `विश्व एकता´ का बीड़ा उठाना चाहिए।

श्री शर्मा ने बताया कि डा. गांधी की नेपाल यात्रा कई मायनों में अत्यन्त महत्वपूर्ण रही। इस यात्रा में उन्होंने नेपाल के छात्रों में `क्वालिटी विचारधारा´ को आत्मसात करने की अभूतपूर्व प्रेरणा दी। इसके अलावा डा. गांधी ने नेपाल की विभिन्न हस्तियों से भी मुलाकात की जिनमें नेपाल के पूर्व प्रधानमन्त्री श्री शेर बहादुर देउबा, नेपाल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री राम प्रसाद श्रेष्ठ, नेपाल के अपीलेट कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वैद्यनाथ उपाध्याय, नेपाल के शिक्षा मन्त्रालय के सचिव श्री शंकर प्रसाद पाण्डेय आदि प्रमुख हैं।

श्री शर्मा ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सर्वप्रथम क्वालिटी विचारधारा को स्थापित करने एवं उसे प्रचारित व प्रसारित करने का श्रेय सी.एम.एस. को जाता है तथापि सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गांधी की प्रेरणा व सी.एम.एस. कानुपर रोड की प्रधानाचार्या डा. (श्रीमती) विनीता कामरान के अथक प्रयासों की बदौलत आज विश्व के अधिकांश देशों में स्टूडेन्टस क्वालिटी कन्ट्रोल सिर्कल की स्थापना सम्भव हुई है। अब तक इंग्लैण्ड, नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका, मॉरीशस, श्रीलंका, जर्मनी, कुबैत, तुकीZ, इजराइल, हांगकांग, कतार, ईरान, मलेशिया, फिलीपीन्स, पाकिस्तान तथा श्रीलंका देशों के अनगिनत स्कूलों में स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सिर्कल्स स्थापित हो चुके हैं तथा वे सभी अपने छात्रों को टी.क्यू.पी. (टोटल क्वालिटी पर्सन) बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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