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किसानों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया

Posted on 11 September 2010 by admin

ललितपुर - लगता है जनपद के किसानों का भाग्य खराब ही है। कभी सूखे कभी अतिवृष्टि के कारण फसलों की तबाही विगत दो तीन वर्षो से यहा के किसान झेल रहे है। इस वर्ष खरीफ की फसल कुछ ठीक दिखायी दे रही थी और बरसात भी फसल के अनुरूप हो रही थी किन्तु इस बार उर्द का बीज किसानों के साथ दगा दे गया।

सरकारी बीज केन्द्रों से मिलने वाले उर्द की फसल तो लम्बी होती दिखायी दी किन्तु इन पौधों में कोई फली नहीं लगी। आज क्षेत्र के किसानों ने उर्द की फसल के साथ तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मुआवजे की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन के मण्डल अध्यक्ष चौधरी विश्राम सिंह की अगुवाई में आज तहसील प्रांगण में क्षेत्रीय किसानों की एक पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को सम्बोधित करते हुए मण्डल अध्यक्ष ने कहा कि किसानों ने बैंक और साहूकारों से ऋण व खाद लेकर उर्द का बीज बोया था, किन्तु सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसानों को जो बीज दिया गया उसका कोई परीक्षण नहीं किया गया। इसी कारण उर्द की फसल तो तैयार हुई किन्तु उसमें दाना भी नहीं लगा। जिसके कारण किसानों की आशाओं पर पानी फिर गया है और उनके सपने चूर हो गये है। इसलिए उर्द बोने वाले सभी किसानो को मुआवजा दिया जाए जिस प्रकार सूखे के कारण हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाता रहा है।

यदि सरकार मुआवजा नहीं देगी तो पूरे बुन्देलखण्ड के किसान आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। इसके अलावा इस वर्ष जनपद में अपेक्षा—त कम वर्षा होने के कारण अन्य फसलों की स्थिति भी खराब है ऐसे में किसानों से की जा रही वसूली को स्थगित किए जाने की भी माग की। किसान यूनियन की ओर से उपजिलाधिकारी को विभिन्न मागों के सम्बन्ध में एक ज्ञापन भी दिया गया। किसानों ने माग की कि उर्द की फसल की क्षतिपूर्ति 30 हजार रूपये प्रति एकड़ दी जाए। इस खराब बीज के मामले में उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचरियों के खिलाफ कार्यावाही की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।

इसके अलावा इस वर्ष अदरक, तिल व मूंगफली की फसलों में भी विभिन्न बीमारियों का प्रकोप है। जिसके लिए किसानों को निशुल्क कीटनाशक दवाईयां उपलब्ध करायी जाऐं। आगामी रबी की फसल के लिए माईनरों एवं गूलों का निर्माण कराया जाए ताकि प्रत्येक खेत तक नहरों का पानी पहुच सके।

उपजिलाधिकारी ने किसानों से ज्ञापन लेते हुए उन्हे आश्वस्त किया कि वह इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराऐंगे साथ ही उर्द की फसल से हुए नुकसान के आकलन भी लेखपालों से करायी जाकर उसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में यूनियन के मण्डल अध्यक्ष चौधरी विश्राम सिंह, तालबेहट के ब्लाक अध्यक्ष रामकिशन यादव, बार ब्लाक के अध्यक्ष कीरत सिंह बाबा, हजारी लाल, शिवचरन, मानसिंह, हरपाल सिंह, तिजुआ, भैयालाल अहिरवार आदि थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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