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सोलर रिक्शा वितरित कर गरीबों को त्वरित रोजगार उपलब्ध कराया जाय -डॉ0 यशवन्त सिंह

Posted on 10 September 2010 by admin

नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की समीक्षा सम्पन्न

प्रदेश में एक लाख, पचास हजार शुष्क शौचालय जल प्रवाहित शौचालयों में परिवर्तित

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश के नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) डा0 यशवन्त सिंह ने प्रत्येक जनपद में सोलर रिक्शा वितरित कर गरीबों को त्वरित रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हें। उन्होंने कहा कि छोटे जनपदों में कम से कम 20 तथा बड़े जनपदों में 250-300 सोलर रिक्शा गरीब एवं जरूरत मन्द लोगों में वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित कर इस दिशा में कार्यवाही तुरन्त प्रारम्भ की जाय। उन्होंने कहा कि वे सोलर रिक्शों की कीमत कम से कम तय कराने का प्रयास करेगें ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी इसके माध्यम से अपना जीवकोपार्जन कर सके।

डा0 यशवन्त सिंह आज यहॉ सूडा के सभागार में विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आई0एल0सी0एस0 योजना के तहत शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित  शौचालयों में परिवर्तित करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि दिये गये लक्ष्य के अनुसार यह कार्य प्रत्येक दशा में माह सितम्बर 2010 तक पूरा कर लिया जाय और इसके लिए ठोस रणनीति बना कर प्रस्तुत की जाय। उन्होंने इस कार्य में शिथिलता बरतने वाले जनपद बदायूं, कांशीरामनगर, मुजफ्फरनगर और रामपुर के जिला परियोजना अधिकारियों को चेतावनी देने के निर्देश भी दिये।

डा0 सिंह ने प्रदेश भर से आये जिला परियोजना अधिकारियों से कहा कि वे अनुशासन में रह कर अपने दायित्वों का निर्वहन करें और सूड़ा की छवि और अच्छी बनायें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को केवल कार्य समाप्त करने की दृष्टि से न किया जाय वरन् यह भी देख लिया जाय कि उसकी उपयोगिता कितनी है। उन्होंने कहा कि अच्छे ट्रेड चुनकर गरीबों को ट्रेनिंग दिलायी जाय और ऐसी संस्थाओं का चयन किया जाय जो लोगों को ट्रेनिंग देने के उपरान्त रोजगार के लायक बना सकें और रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

नगरीय रोजगार राज्य मन्त्री को समीक्षा बैठक में सूड़ा के निदेशक श्री चिन्तामणि ने अवगत कराया कि गत दो वर्षो में सूडा ने गरीबी उन्मूलन और गरीब नागरिकों को मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को समाप्त करने के लिए प्रदेश में दो लाख चालीस हजार शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों में परिवर्तित कराने का अभियान चल रहा है और अब तक एक लाख पचास हजार शुष्क शौचालय जल प्रवाहित शौचालय में परिवर्तित करा दिया गये हैं। उन्होंने मलिन बस्तियों में कराये जा रहे कार्यों और स्वर्ण जयन्ती शहरी योजना के अन्तर्गत गरीबों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिलाये जाने से सम्बन्धित कार्यक्रमों की प्रगति से भी नगरीय रोजगार राज्य मन्त्री को अवगत कराया।

इसके पूर्व निदेशक श्री चिन्तामणि ने सूड़ा द्वारा कार्यान्वित कराये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रत्येक जनपदवार विस्तार से समीक्षा की और जिला परियोजना अधिकारियों को यथोचित निर्देश दियें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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